कोतरारोड़ पुलिस सार्वजनिक स्थल पर मांस बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार

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Update: 2025-09-18 18:43 GMT
Raigarh. रायगढ़। कोतरारोड़ थाना पुलिस ने सार्वजनिक स्थल पर मांस बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के मद्देनजर की गई। जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक मोहन भारद्वाज को सूचना मिली कि फाटकपारा कलमी क्षेत्र में रहने वाले जोहित सारथी और देव सारथी पशुधन का मांस काटकर सार्वजनिक रूप से बेच रहे हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों में असंतोष और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और आरोपियों को मांस बिक्री करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई थाना कोतरारोड़ के सक्रिय और समय पर किए गए अभियान का उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 375/2025 दर्ज किया। इसमें धारा 296, 351(2), 3(5) बीएनएस और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 5, 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
जोहित सारथी, पिता स्व. देव लाल, उम्र 40 वर्ष, निवासी चमड़ा गोदाम, जूटमिल, थाना जूटमिल, रायगढ़।
देव सिंह सारथी, पिता स्व. मिलाप सिंह सारथी, उम्र 45 वर्ष, निवासी फाटकपारा कलमी, थाना कोतरारोड़, रायगढ़।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इससे यह संदेश गया कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध मांस बिक्री या किसी भी गतिविधि जो समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, को सहन नहीं किया जाएगा। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज के साथ प्रधान आरक्षक प्रेम सिदार,
आरक्षक
चंद्रेश पांडेय, चुडामणी गुप्ता और संजय केरकेट्टा की अहम भूमिका रही। उनकी तत्परता और समय पर कार्रवाई से यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपियों को मौके पर ही पकड़ा जा सके। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से भविष्य में ऐसी घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि समुदाय की धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस का यह कदम बेहद प्रभावी साबित होगा।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी को भी सार्वजनिक स्थल पर अवैध मांस बिक्री या अन्य संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस प्रकार की सूचनाओं से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर मांस की अवैध बिक्री केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि यह समाज में धार्मिक और सामाजिक संवेदनाओं को भी प्रभावित करता है। ऐसे मामलों में पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई समाज में विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होती है।
कोतरारोड़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं की रक्षा करती है, बल्कि समुदाय में यह संदेश भी देती है कि कानून और व्यवस्था को चुनौती देना अपराध है। भविष्य में पुलिस ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह, रायगढ़ के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थल पर मांस की अवैध बिक्री के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने कानून व्यवस्था और समुदाय की सुरक्षा दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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