Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मोवा में कक्षा के भीतर चाकू लहराने की घटना को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को गंभीरता से लेते हुए थाना पण्डरी पुलिस ने त्वरित जांच कर मुख्य आरोपी छात्र को चाकू सहित गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में शामिल अन्य तीन विधि से संघर्षरत बालकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें आत्मानंद स्कूल मोवा के एक कक्षा कक्ष के भीतर कुछ छात्र हाथ में चाकू लेकर उसे लहराते और आपस में दिखाते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ अभिभावकों में चिंता का माहौल बना, बल्कि स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के बीच बढ़ते असामाजिक व्यवहार पर भी सवाल खड़े हो गए थे।
वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए थाना पण्डरी पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान वीडियो में दिखाई देने वाले छात्रों की पहचान की गई। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि वीडियो में चाकू लहराने वाला मुख्य आरोपी सुशांत प्रधान है, जो कक्षा 12वीं का छात्र है। आरोपी की पहचान सुशांत प्रधान, पिता सुशील प्रधान, उम्र 19 वर्ष, निवासी बी.एस.यू.पी. कॉलोनी, सड्डू के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुशांत प्रधान लगभग एक माह पूर्व अपने साथ एक चाकू स्कूल परिसर में लेकर आया था। उसने कक्षा के भीतर अपने दोस्तों को चाकू दिखाया। इसी दौरान उसके साथ मौजूद तीन अन्य मित्र, जो विधि से संघर्षरत बालक हैं, उन्होंने बारी-बारी से चाकू हाथ में लेकर वीडियो बनाया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
थाना पण्डरी पुलिस द्वारा आरोपी छात्र को तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अवैध रूप से चाकू रखने और उसे स्कूल परिसर में ले जाने की बात स्वीकार की। आरोपी की स्वीकारोक्ति के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से उक्त चाकू को बरामद कर विधिवत जप्त किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुशांत प्रधान के विरुद्ध थाना पण्डरी में अपराध क्रमांक 33/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार ले जाना गंभीर अपराध है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य तीन छात्र विधि से संघर्षरत बालक पाए गए हैं।
उनकी भूमिका इस प्रकरण में गौण मानी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इन तीनों बालकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक परामर्श और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस द्वारा इस पूरे मामले के बाद स्कूल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता दिखाई जा रही है। थाना पण्डरी पुलिस ने विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्कूल में नियमित जांच, छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी और सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में इस प्रकार की घटनाएं चिंता का विषय हैं और बच्चों को सही दिशा देने के लिए अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।