Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की उरला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाल सम्प्रेक्षण गृह, माना कैम्प से फरार हुए विधि से संघर्षरत बालक को सकुशल बरामद कर पुनः बाल सम्प्रेक्षण गृह में दाखिल कराया है। पकड़ा गया बालक थाना खमतराई क्षेत्र में दर्ज लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध के मामले में संलिप्त था। पुलिस के अनुसार, शासकीय सम्प्रेक्षण गृह, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला रायपुर के अधीक्षक कार्यालय द्वारा 2 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से सूचना दी गई थी कि चोरी, नकबजनी, हत्या का प्रयास और लूट जैसे मामलों में शामिल कुछ विधि से संघर्षरत बालक सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट कर बाल सम्प्रेक्षण गृह, माना कैम्प रायपुर से फरार हो गए थे।
मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए फरार हुए सभी विधि से संघर्षरत बालकों की तलाश करने और उन्हें सुरक्षित रूप से दोबारा बाल सम्प्रेक्षण गृह में दाखिल कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को उनकी पतासाजी में लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और थाना प्रभारी उरला के नेतृत्व में उरला पुलिस टीम द्वारा लगातार फरार बालक की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना, तकनीकी जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर फरार बालक को पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया विधि से संघर्षरत बालक थाना खमतराई में दर्ज अपराध क्रमांक 1189/2025 के मामले में संलिप्त था। इस मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 309, 109, 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज है। उक्त प्रकरण में लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस द्वारा बालक को पकड़ने के बाद आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और उसे सुरक्षित रूप से बाल सम्प्रेक्षण गृह, माना कैम्प रायपुर में पुनः दाखिल कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार विधि से संघर्षरत बालक की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस टीम द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ ही विभिन्न माध्यमों से उसकी जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी कार्रवाई के तहत पुलिस को सफलता मिली। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों की निगरानी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वहीं, बाल सम्प्रेक्षण गृह से फरार होने की घटना के बाद पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि फरार बालकों की तलाश और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उरला पुलिस की इस कार्रवाई से एक फरार विधि से संघर्षरत बालक को दोबारा सुरक्षित व्यवस्था में पहुंचाया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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