नशीले इंजेक्शन के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, झारखंड का बड़ा सप्लायर गिरफ्तार

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Update: 2026-02-01 14:08 GMT
Surguja. सरगुजा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड से संचालित नशीले इंजेक्शन के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में झारखंड के सबसे बड़े नशीले इंजेक्शन सप्लायर बताए जा रहे रंजीत विश्वकर्मा सहित उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7.50 लाख रुपये कीमत के 1500 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में की गई। बीते कुछ समय से सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन की बढ़ती तस्करी को लेकर आबकारी विभाग सतर्क था और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही थी।

पहले से जुड़े थे तार
दरअसल, 30 जनवरी 2026 को संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड के गोदरमाना निवासी अनूप गुप्ता और सरगुजा जिले के बतौली निवासी विनय गुप्ता को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये मूल्य के 1200 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए थे। प्रारंभिक पूछताछ में ही यह स्पष्ट हो गया था कि मामला केवल स्थानीय सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार झारखंड से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी अनूप गुप्ता ने अहम खुलासा करते हुए बताया कि वह नशीले इंजेक्शन की सप्लाई झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से लेता था। उसने यह भी बताया कि रंजीत विश्वकर्मा अकेले काम नहीं करता, बल्कि उसके साथ मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार नाम के दो सहयोगी भी हैं, जो पूरे सप्लाई नेटवर्क को संभालते हैं।

साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस
इस जानकारी के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने सरगुजा रेंज के डीआईजी राजेश अग्रवाल से संपर्क कर साइबर सेल की सहायता मांगी। साइबर सेल की मदद से तीनों आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि तीनों आरोपी सरगुजा-झारखंड सीमा क्षेत्र में सक्रिय हैं। 31 जनवरी 2026 की शाम को आबकारी उड़नदस्ता टीम और साइबर सेल के संयुक्त प्रयास से रामानुजगंज के पलटन घाट क्षेत्र में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार को एक साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से 1500 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये आंकी गई है।

एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार अनूप गुप्ता और विनय गुप्ता के मामले में भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा तीनों के खिलाफ पृथक से एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) और 29 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई चेन तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है। अंतरराज्यीय नेटवर्क के पर्दाफाश से नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी। सीमा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और झारखंड व अन्य राज्यों से होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी पर सख्त नजर रखी जा रही है।
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