नकली सोने के बिस्किट बेचकर ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
छग
Durg. दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र में नकली सोने के बिस्किट बेचकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरजिला संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दुर्ग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 5 आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नकली धातु को असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ हंडा या खजाना मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के प्राप्त हुए हैं। इसी झूठी कहानी के आधार पर वे लोगों को फंसाते और नकली धातु को असली सोना बताकर कम कीमत में बेचने का प्रलोभन देकर ठगी करते थे।
यह मामला प्रार्थी जितेंद्र साहू निवासी बोरसी की शिकायत पर सामने आया। शिकायत के आधार पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 288/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिली। पुलिस ने विभिन्न जिलों में दबिश देकर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष, गाड़ाडीह, उतई, दुर्ग), पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष, सीपत पिपरिया, कोरबा), गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष, सहसपुर लोहारा, कबीरधाम), रामस्वरूप रौतेल (30 वर्ष, डिंडोरी, मध्यप्रदेश) और भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष, पाटन, दुर्ग) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली सोने जैसा दिखने वाला सामान बरामद किया है। इसमें लगभग 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली बिस्किट, एक नकली सोने जैसा सिक्का जिसका वजन लगभग 6.38 ग्राम है, घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार (CG-04-HC-6220), मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ पहले भी इसी प्रकार की ठगी से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के खिलाफ पूर्व में मारपीट और संपत्ति से जुड़े अपराधों की जानकारी भी मिली है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अलग-अलग जिलों में सक्रिय था और लोगों को लालच देकर नकली सोना बेचने का काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले भरोसा जीतते थे और फिर “जमीन में मिला खजाना” या “हंडे में मिला सोना” जैसी कहानी सुनाकर लोगों को भ्रमित करते थे। तकनीकी निगरानी और लगातार जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सस्ते दाम पर सोना, चांदी या अन्य कीमती धातु बेचने के प्रस्ताव पर बिना जांच-पड़ताल के लेन-देन न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे गिरोहों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।