जिले में कृषि केन्द्रों का निरीक्षण एवं अनियमितता पर निरंतर कार्यवाही जारी
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Balod. बालोद। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन, भौतिक स्टॉक और किसानों को वितरित उर्वरक की मात्रा का सत्यापन किया जा रहा है। निरीक्षण अभियान के तहत कई विक्रय केंद्रों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें सिन्हा कृषि केंद्र गुरेदा में विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं साहू कृषि केंद्र झलमला, देवानंद कृषि विकास केंद्र झलमला, किसान खाद भंडार सिकोसा, सार्थक कृषि केंद्र बालोद और शारदा कृषि केंद्र पिनकापार में निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया।
इसके अलावा सेवा सहकारी समिति बालोद, सेवा सहकारी समिति गुण्डरदेही एवं सेवा सहकारी समिति कचांदुर में भी स्टॉक का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पीओएस मशीन के माध्यम से ही नियमानुसार उर्वरक विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश समिति प्रबंधकों को दिए। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिले में उर्वरक भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विक्रय केंद्र में उर्वरक भंडारण या वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता और रकबे के अनुसार ही उर्वरक खरीदें तथा अनावश्यक भंडारण से बचें। साथ ही किसानों को यूरिया और डीएपी के अतिरिक्त वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एसएसपी, एनपीके, एमओपी, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं अन्य तरल घुलनशील उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया है, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सके। इस अभियान से जिले में उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।