रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के देवेन्द्र नगर स्थित गुजराती इंग्लिश मीडियम स्कूल में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), रायपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल और APK फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने के बारे में बताया गया।
यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर के दौरान उपस्थित न्यायाधीशों ने बच्चों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘जागरूकता, सुरक्षा एवं संरक्षण—हर बच्चे का अधिकार’ के बारे में जानकारी दी।
डिजिटल अरेस्ट और APK फाइलों से सावधान रहने की सलाह
शिविर में बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने और धमकाने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहना जरूरी है।
इसके अलावा, APK फाइलों के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’ के तहत डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता के महत्व पर जोर दिया गया।
बाल विवाह और बाल श्रम कानूनों की दी जानकारी
शिविर का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था। इसके तहत बच्चों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के बारे में बताया गया। इसके साथ ही बाल तस्करी, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को इन विषयों की जानकारी देकर उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
शिविर में शामिल हुए न्यायाधीश
वीरेन्द्र (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, रायपुर) और क्रान्ति कुमार सिंग (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी।