रायपुर: राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), रायपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को साइबर धोखाधड़ी से बचने, अपने अधिकारों को समझने और कानूनों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी गई।
शिविर में उपस्थित न्यायाधीशों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘जागरूकता, सुरक्षा एवं संरक्षण—हर बच्चे का अधिकार’ के बारे में बच्चों को बताया। इसके साथ ही डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने-धमकाने वाले फर्जी कॉल और APK फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड से बचने की जानकारी
कार्यक्रम में ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’ के तहत बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। न्यायाधीशों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहने और APK फाइलों के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल धोखाधड़ी के तरीकों के प्रति जागरूक करना और उनकी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देना था।
बाल विवाह और बाल श्रम कानूनों पर चर्चा
शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों और संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इस दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, बाल तस्करी, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और बाल श्रम से संबंधित कानूनों के बारे में बताया गया।
न्यायाधीशों ने बच्चों को इन विषयों के प्रति जागरूक किया, ताकि वे अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को समझ सकें।
शिविर में उपस्थित रहे न्यायाधीश
हरीश कुमार अवस्थी (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, रायपुर) और सूरज राणा(न्यायिक मजिस्ट्रेट)
कार्यक्रम में अधिकार मित्र लोमीन साहू भी उपस्थित रहीं।
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