होली के मद्देनजर 3 और 5 मार्च को नहीं होंगी परीक्षाएं, DEO दिनेश कुमार झा का निर्देश

छग

Update: 2026-02-27 14:14 GMT
Surguja. सरगुजा। होली पर्व को ध्यान में रखते हुए सरगुजा जिले में 3 और 5 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली विद्यालय स्तरीय परीक्षाएं अब नहीं होंगी। अभिभावक संघ की आपत्ति और छात्रों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश कुमार झा ने जिले के सभी अनुदान प्राप्त और अशासकीय विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सरगुजा जिले के समस्त बोर्ड—सीजी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध निजी एवं अनुदान प्राप्त विद्यालय 3 मार्च और 5 मार्च 2026 को विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाने वाली स्थानीय परीक्षाएं नहीं लेंगे। स्कूल प्रबंधन को परीक्षा तिथियों में आवश्यक संशोधन कर नई समय-सारणी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, 4 मार्च को होली का पर्व है। कुछ बड़े निजी स्कूलों, जिनमें शहर का प्रमुख Carmel Convent School भी शामिल है, ने अपनी वार्षिक परीक्षा की समय-सारणी में 3 और 5 मार्च को परीक्षा निर्धारित की थी। इसे लेकर अभिभावक संघ और जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि होली के एक दिन पहले और ठीक अगले दिन परीक्षा होने से छात्रों और अभिभावकों को आवागमन में परेशानी हो सकती है। अभिभावक संघ ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि पर्व के आसपास की तिथियों में परीक्षा न रखी जाए। उनका तर्क था कि होली के दौरान कई परिवार बाहर जाते हैं और रंगोत्सव के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। ऐसे में बच्चों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचना कठिन हो सकता है।
प्रशासन ने छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निर्णय लिया। DEO ने स्पष्ट किया कि पर्व-त्योहारों के दौरान विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए 3 और 5 मार्च को प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित की जाती हैं। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि संशोधित परीक्षा तिथियों की सूचना समय पर छात्रों और उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राहत महसूस की है। वहीं शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में परीक्षा समय-सारणी बनाते समय प्रमुख त्योहारों और स्थानीय परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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