IG-SP की संयुक्त बैठक में सख्त निर्देश, नशे पर जीरो टॉलरेंस, लंबित अपराधों का शीघ्र निराकरण

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Update: 2025-12-19 13:21 GMT
Raipur. रायपुर। वर्षांत और आगामी नववर्ष को देखते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा तथा उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने शुक्रवार को जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की अहम बैठक ली। यह बैठक सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें रायपुर जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने वर्षांत के मद्देनजर लंबित अपराध, मर्ग एवं गुम इंसान के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित शिकायत पत्रों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाए, ताकि आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आईजी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में जिले में नशे की बिक्री न होने पाए। नशे से जुड़े आरोपियों की पतासाजी कर जड़ तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई की जाए। इसके लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, नियमित चेकिंग और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे जड़ से खत्म करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। आईजी ने कहा कि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने, नियमों का सख्ती से पालन कराने और प्रमुख चौराहों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जेल से रिहा होने वाले बदमाशों और अपराधियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा कर उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया।
उभरते बदमाशों पर विशेष नजर रखने, उनकी नियमित चेकिंग करने और समय-समय पर थाने में हाजिर कर कड़ी समझाइश देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि अपराध की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। बैठक में वर्तमान समय में किसानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों को बताया गया कि धान बिक्री के बाद किसान जब बैंक से नकद राशि निकालकर ले जाते हैं, तब अपराधी उन्हें निशाना बनाकर लूट, चोरी और उठाईगिरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने, किसानों को सतर्क करने और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
आईजी और एसएसपी ने प्रभावी विजिबल पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सड़कों पर मौजूदगी से अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। आगामी नववर्ष के मद्देनजर क्लब, बार और अन्य संस्थानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर कड़ी नजर रखने, समय-सीमा का पालन सुनिश्चित कराने और किसी भी प्रकार के अनैतिक या अवैध कार्य को रोकने के निर्देश दिए गए। उपद्रवी और शरारती तत्वों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने को भी कहा गया। इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट, कानून-व्यवस्था ड्यूटी और धरना-प्रदर्शन के दौरान बेहतर प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने और समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रायपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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