Kawardha. कवर्धा। वनमंडल कवर्धा की टीम ने मंगलवार को बोड़ला–चिल्फी–धवईपानी मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें से तीन ढाबा संचालकों के यहां अवैध लकड़ी का उपयोग पाए जाने पर तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लकड़ी जब्त की गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अवैध लकड़ी के उपयोग और वन संपदा की कटाई पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश ढाबों में सूखी या बिक्री-अयोग्य लकड़ी का उपयोग पाया गया, जबकि तीन प्रतिष्ठानों में स्पष्ट रूप से अवैध लकड़ी का इस्तेमाल होता मिला।
तीन ढाबों पर कार्रवाई
वन अधिकारियों ने जिन ढाबों पर कार्रवाई की, उनमें-
1️⃣ पंजाबी काका ढाबा, ग्राम धवईपानी, संचालक सरदार जसविंदर सिंह के यहां से 2 चट्टा जलाऊ लकड़ी जब्त की गई। इस पर पी.ओ.आर. क्रमांक 21614/09, दिनांक 28.10.2025 दर्ज किया गया।
2️⃣ मुकेश ढाबा, ग्राम धवईपानी, संचालिका फूलबाई के यहां से मिश्रित प्रजाति की 28 नग बल्लियाँ बरामद हुईं, जिस पर पी.ओ.आर. क्रमांक 21614/10 दर्ज किया गया।
3️⃣ राय ढाबा, संचालक गणेश राय के यहां से 1 चट्टा जलाऊ लकड़ी जब्त की गई, जिसके लिए पी.ओ.आर. क्रमांक 21614/11 दर्ज किया गया।
जप्त लकड़ी को वन विभाग ने राजस्व अभिरक्षा में सुरक्षित रखवाया है और संबंधित संचालकों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग की चेतावनी
वन विभाग ने सभी ढाबा और होटल संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके प्रतिष्ठानों में अवैध लकड़ी का उपयोग या भंडारण पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन और उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
वन अधिकारियों ने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भी पर्यावरणीय असंतुलन का कारण बन सकती हैं। ढाबा या होटल संचालकों को चाहिए कि वे कानूनी रूप से स्वीकृत ईंधन सामग्री का ही उपयोग करें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी आसपास अवैध लकड़ी के उपयोग या कटाई की जानकारी मिले तो वह तत्काल नजदीकी वन कार्यालय को सूचित करें।