Rajnandgaon. राजनांदगांव। जनता कॉलोनी (लखोली रोड) के निवासियों ने एक व्यक्ति पर सार्वजनिक सड़क की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत में उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के सहायक अभियंता तथा नगर निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर त्वरित जांच और कार्रवाई की मांग की है। निवासियों के अनुसार, राकेश जैन के नाम पर कॉलोनी में केवल 1000 वर्गफुट भूमि (प्लाट संख्या 35/1) दर्ज है। इसके बावजूद मुख्य सड़क के 24 मीटर चौड़े ले-आउट में लगभग 500 वर्गफुट अतिरिक्त क्षेत्र पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इससे कॉलोनी की मुख्य सड़क की चौड़ाई घटकर करीब 18 मीटर रह जाएगी, जिससे भविष्य में आवागमन और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने ले-आउट का स्थल निरीक्षण किए बिना अनुमति जारी कर दी। इसके कारण कई सालों से कॉलोनी में रहने वाले लोगों को सुरक्षा, आवागमन और पर्यावरणीय व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जिस स्थल पर निर्माण कराया जा रहा है, वहां पहले CSEB का ट्रांसफार्मर लगा था। ट्रांसफार्मर हटाए जाने के बाद ही यह अवैध निर्माण शुरू हुआ। निवासियों ने ट्रांसफार्मर लगे पुराने फोटो साक्ष्य भी निगम और गृह निर्माण मंडल को सौंपे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि भूमि पर पहले से ही उपयोग हो रहा था और यह निर्माण बिना अनुमति के किया गया।
जनता कॉलोनी के दीपक खाती, सुनील जायसवाल, जयेश कटारिया और गोकुल शर्मा सहित अन्य निवासियों ने बताया कि उन्होंने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच, अवैध निर्माण पर रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। निवासियों ने इस पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, स्थानीय सांसद और अन्य उच्च अधिकारियों को भी भेजी है। उनका कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो भविष्य में सड़क पर यातायात और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इस मामले ने क्षेत्रवासियों में असंतोष पैदा कर दिया है। कॉलोनी के लोग लगातार स्थानीय प्रशासन और निगम से अपेक्षा कर रहे हैं कि अवैध कब्जा हटाकर सड़क की मूल चौड़ाई बहाल की जाए और भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखी जाए। इस विवाद ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में अवैध निर्माण की अनुमति देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी कितनी है। शहरवासियों का कहना है कि आवासीय कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर अवैध निर्माण रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।