Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मांजा के आश्रित ग्राम राजाकटेल, कटिंडा और चोडय़ा में पंडो समाज की पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने इस गंभीर मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने जालसाजी कर राजस्व अभिलेखों में अपने नाम अवैध रूप से दर्ज कराए और विरोध करने पर पीड़ितों को जातिसूचक शब्दों से गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले में लखनपुर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं और एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में 19 अन्य संदिग्धों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं और बाकी आरोपियों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता आलोक दुबे ने कुछ दिनों पहले सरगुजा संभाग के कमिश्नर से शिकायत की और इस संबंध में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद यह मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में भी लाया गया। शिकायत और पंडो समाज के विरोध के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। भाजपा नेता आलोक दुबे ने बताया कि ग्राम पंचायत मांजा के अलावा नरकालों और लोसली गांवों में भी पंडो समाज की भूमि पर अवैध कब्जे के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें स्टांप पेपर और अन्य कागजी जालसाजी का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इन मामलों की गंभीरता से जांच कराए तो कई और प्रकरण भी उजागर हो सकते हैं।
इधर भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के लखनपुर प्रवास के दौरान भी यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नेतृत्व में प्रभावित पंडो परिवारों ने पुलिस अधीक्षक सरगुजा को आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत में यह भी बताया गया कि जालसाजी के माध्यम से उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा किया गया। पीड़ित परिवारों ने यह आरोप भी लगाया कि आवेदन देने के बाद गांव लौटने पर कुछ लोगों ने उन्हें दबाव बनाने और धमकी देने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उनके कई पंडो परिवारों की काबिज काश्त भूमि पर भी जबरन कब्जा किया गया है, जबकि उस भूमि पर वन अधिकार पट्टा मिलने का प्रस्तावित है।
पंडो परिवारों ने बताया कि वे कई पीढ़ियों से राजाकटेल में अपनी पैतृक भूमि पर निवास कर रहे हैं और उनका मुख्य जीवनयापन कृषि पर आधारित है। आरोप है कि कुछ लोगों ने जालसाजी और कूटरचना करके राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज कराए और भूमि पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक अपशब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी गई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए बबरा खान, रफीक खान, रज्जाक खान समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी भी जांच शुरू कर दी। लखनपुर पुलिस ने कहा कि सभी पक्षों से जानकारी लेकर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय समाज में सुरक्षा और न्याय की मांग को उजागर किया है। पंडो समाज के लोग प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि उनके पैतृक अधिकारों की रक्षा की जाए और जालसाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।