IG अमरेश मिश्रा का मार्गदर्शन सत्र संपन्न, 2316 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल

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Update: 2025-08-24 15:07 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रायपुर रेंज अमरेश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन सत्र का समापन रविवार को अटल बिहारी बाजपेयी सभागार, मेकाहारा रायपुर में हुआ। दो दिवसीय इस सत्र में कुल 2316 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान आईजी ने पुलिसिंग के बदलते स्वरूप, अनुशासन, सकारात्मक सोच, टीम भावना और जनता के बीच विश्वास कायम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों और जवानों से सीधे संवाद स्थापित किया।
अनुशासन और टीम भावना पर जोर
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस बल को बेहतर बनाने के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और टीम भावना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल यदि व्यवसायिक ज्ञान के साथ वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करेगा तो अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है।
सत्र में भारी संख्या में शामिल हुए पुलिसकर्मी
21 अगस्त को आयोजित पहले दिन के सत्र में 762 अधिकारी-कर्मचारी सुबह और 660 अधिकारी-कर्मचारी दोपहर को शामिल हुए थे। वहीं 24 अगस्त को आयोजित अंतिम सत्र में 894 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस तरह कुल 2316 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी इस मार्गदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा बने।
सीधे संवाद की पहल
आईजी ने पुलिस के आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक और निरीक्षकों से सीधे सवाल-जवाब कर संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि जनता में पुलिस की छवि तभी सकारात्मक बनेगी जब हम हर अपराध पर तत्परता से कार्रवाई करेंगे और किसी भी मामले को बड़ा बनने से पहले ही रोक देंगे।
थाना प्रभारियों को दिए निर्देश
आईजी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने विवेचकों से रोजाना केस की प्रगति पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई न होने से अपराध बढ़ते हैं और इसका असर पुलिसिंग की गुणवत्ता पर पड़ता है। उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने यह समझाया कि किस तरह छोटे अपराधों पर तत्काल कार्यवाही कर बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
नशे और हेलमेट नियम पर विशेष बल
आईजी मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना सभी पुलिसकर्मियों के लिए अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रेरणादायी और उपयोगी रहा सत्र
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह मार्गदर्शन सत्र सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी और उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आईजी के मार्गदर्शन से आने वाले समय में रायपुर पुलिस की कार्यशैली और अधिक अनुशासित, प्रभावी और संवेदनशील होगी। आईजी के प्रेरक शब्दों और संवाद शैली ने पुलिस अधिकारियों और जवानों में उत्साह भर दिया। उन्होंने बेहतर पुलिसिंग के लिए सभी बिंदुओं को विस्तार से समझाया और हर स्तर पर सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। पुलिस कर्मियों ने भी करतल ध्वनि से उनके निर्देशों और मार्गदर्शन का समर्थन किया।
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