केंदा घाटी में भीषण हादसा: कोयले से लदा ट्रेलर पलटा, चालक-हेल्पर की मौत

छग

Update: 2026-02-17 18:31 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार सुबह केंदा घाटी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां कोयले से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रेलर चालक और हेल्पर दोनों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में हादसे की बड़ी वजह जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क को माना जा रहा है। घटना के बाद घाटी मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेलर क्रमांक सीजी 04 पीजे 3515
मध्यप्रदेश
के उमरिया से रायपुर के लिए कोयला लोड कर रवाना हुआ था। मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे जब वाहन केंदा घाटी से नीचे उतर रहा था, तभी खराब सड़क और असंतुलन के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ट्रेलर पलट गया और उसमें भरा कोयला सड़क पर फैल गया। दुर्घटना की भयावहता को देखते हुए मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और राहत दल को सूचना दी। केंदा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी अशोक मिश्रा के अनुसार हादसे में चालक प्रकाश महरा (28), निवासी धनपुरी, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) गंभीर रूप से घायल हो गया था।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तत्काल रेस्क्यू कर पेंड्रा अस्पताल भेजा गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह और केंदा प्रभारी अशोक मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ट्रेलर मालिक अजीत विश्वकर्मा, निवासी शहडोल से संपर्क किया। मालिक ने प्रारंभ में पुलिस को बताया कि वाहन में केवल चालक ही सवार था। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य वाहन चालकों ने पुलिस को जानकारी दी कि ट्रेलर में एक और व्यक्ति भी था। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर सड़क पर फैले कोयले को हटाने का कार्य शुरू कराया। जब कोयले को हटाया गया, तब ट्रेलर के नीचे दबा एक युवक मिला। उसे तुरंत
अस्पताल
ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उमेश विश्वकर्मा (25), निवासी धनपुरी, जिला शहडोल के रूप में हुई, जो ट्रेलर में हेल्पर के रूप में कार्यरत था। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंदा घाटी मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हादसों को आमंत्रित कर रहे हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बावजूद सड़क मरम्मत कार्य की गति बेहद धीमी बताई जा रही है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क सुधार और सुरक्षा उपायों की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। हादसे ने एक बार फिर घाटी मार्ग की बदहाल व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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