Dhamtari/Raipur. धमतरी/रायपुर। रायपुर-धमतरी नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में हायर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षिका नंदिनी सिन्हा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी स्कूटी को तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने क्षेत्र में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मृतका नंदिनी सिन्हा ग्राम कुंडेल के हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका के पद पर पदस्थ थीं। रोजाना की तरह शनिवार सुबह भी वे स्कूटी से स्कूल के लिए निकली थीं। जैसे ही वे कुरूद थाना क्षेत्र के कोड़ेबोड के पास हाईवे पर पहुंचीं, तभी तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नंदिनी सड़क पर बुरी तरह गिर पड़ीं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

इलाज के दौरान हुई मौत
घायल हालत में नंदिनी सिन्हा को कुरूद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवारजन और स्कूल स्टाफ अस्पताल पहुंचे। शिक्षिका की मौत से हर कोई गमगीन है।

पुलिस ने की कार्रवाई
कुरूद थाना पुलिस को हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर टीम भेजी गई।
पुलिस ने कार को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा लापरवाही और तेज रफ्तार ड्राइविंग के कारण हुआ है।

गांव और स्कूल में शोक का माहौल
नंदिनी सिन्हा की असमय मौत से ग्राम कुंडेल और उनके स्कूल में मातम पसरा हुआ है।
सहकर्मी शिक्षकों ने बताया कि वे बेहद मिलनसार और जिम्मेदार शिक्षिका थीं।
बच्चों के बीच उनकी खास पहचान थी।
अचानक हुई इस मौत से छात्र-छात्राएं और पूरा स्टाफ सदमे में हैं।
गांववालों ने भी कहा कि नंदिनी अक्सर विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और संस्कार की शिक्षा देती थीं। उनकी कमी को आसानी से भरा नहीं जा सकेगा।

सड़क हादसों पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर से हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुरूद से रायपुर तक का हाईवे अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का गवाह बनता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल और सख्त निगरानी की जरूरत है।
साथ ही, कई जगह स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग उठ रही है।
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