Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने गृह विभाग के महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रवर श्रेणी वेतनमान में कार्यरत 36 अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान में नियुक्त करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। यह नियुक्ति विभागीय छानबीन समिति (डीपीसी) की 18 नवंबर 2025 को संपन्न बैठक में की गई अनुशंसाओं के आधार पर की गई है। शासन द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 2-15/दो-गृह/रापुसे/2025 के मुताबिक, चयनित अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख दर्शाई गई तिथि से वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान (₹37,400-67,000, ग्रेड पे ₹8,700 / वेतन मैट्रिक्स लेवल-15) का लाभ मिलेगा। सूची में दो अधिकारियों — ज्योति सिंह और रजत शर्मा — को 1 जनवरी 2024 से वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया गया है, जबकि शेष 34 अधिकारियों को यह लाभ 1 जनवरी 2025 से मिलेगा। शासन द्वारा जारी सूची में राजस्व, पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान पाने वाले अधिकारियों के नाम:
ज्योति सिंह, रजत शर्मा, राकेश शर्मा, ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, मेहरूराम मंडावी, उद्यभान सिंह चौहान, पंकज शुक्ला, कीर्तन कुमार राठौर, माहेश्वर नाग, पूजा अग्रवाल, तारकेश्वर पटेल, जयप्रकाश बढ़ई, अंशुमान सिंह सिसोदिया, अर्चना झा, हरीश कुमार यादव, दीपमाला सैनी कश्यप, रोहित कुमार झा, रमा पटेल, वर्षा मिश्रा, अनिल कुमार सोनी, लखन पटले, गोपीचंद मेश्राम, उमेश कुमार कश्यप, अनंत कुमार साहू, राजेंद्र कुमार जायसवाल, अभिषेक वर्मा, दौलत राम पोर्त, उनैजा खातून अंसारी, प्रज्ञा मेश्राम, मोनिका ठाकुर, डॉ. संगीता महिलकर, संजय कुमार महादेवा, मुकेश ठाकुर, मधुलिका सिंह, अमृता सोरी ध्रुव, मिर्जा जियारत वेग और जयंंत वैष्णव।
शासन ने नियुक्ति के साथ कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी जारी की हैं। पहली शर्त के अनुसार, सांख्येतर (supernumerary) पदों के समायोजन होने तक प्रवर श्रेणी से वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान में आगे कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। ऐसे पद केवल वर्तमान जरूरतों को देखते हुए अस्थायी रूप से निर्मित किए गए हैं। दूसरी शर्त के अंतर्गत इन सांख्येतर पदों पर नियुक्त सभी अधिकारियों की अलग वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य नियमित और सांख्येतर पदों पर कार्यरत अधिकारियों की वरिष्ठता में स्पष्ट अंतर बनाए रखना है। तीसरी शर्त यह तय करती है कि आने वाले वर्षों में, नियमित नियुक्ति के समान संख्या में पद उपलब्ध होने पर, इन सांख्येतर पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नियमित वरिष्ठता सूची में शामिल किया जाएगा। यह प्रक्रिया वर्षवार और रिक्तियों की उपलब्धता पर आधारित होगी।
चौथी और अंतिम शर्त में स्पष्ट किया गया है कि सांख्येतर पद पर किए गए इन वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान के पदों को स्थायी स्वरूप नहीं दिया जाएगा। संबंधित अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के साथ ही सांख्येतर पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। इसका अर्थ है कि शासन भविष्य में इन पदों को बढ़ाने या बनाए रखने का कोई प्रस्ताव नहीं रखेगा। राज्य शासन के इस आदेश के जारी होने के बाद संबंधित विभागों में प्रसन्नता का माहौल देखा गया। वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान मिलने से अधिकारियों की जिम्मेदारियों और अधिकारों में वृद्धि होगी, साथ ही उनके वित्तीय लाभों में भी बढ़ोतरी होगी। यह आदेश राज्य प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और अधिकारियों को उनकी सेवा अवधि तथा मूल्यांकन के आधार पर उन्नत अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।