रायपुर में GST चोरी का खुलासा, संतोष वाधवानी गिरफ्तार

14 करोड़ टैक्स चोरी का मामला

Update: 2026-01-30 17:22 GMT
जनता से रिश्ता की खबर का असर, हमारी खबर सच निकली
जनता से रिश्ता ने उठाया मुद्दा, रायपुर में GST चोरी का बड़ा खुलासा
जनता से रिश्ता की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय: संतोष वाधवानी गिरफ्तार
जनता से रिश्ता की रिपोर्टिंग से हुआ बड़ा वित्तीय भ्रष्टाचार उजागर
जनता से रिश्ता की खबर की पुष्टि, 14 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला सामने आया
जनता से रिश्ता की खबर ने खोला GST चोरी का बड़ा नेटवर्क
Raipur. रायपुर। माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI), रायपुर जोनल यूनिट ने बड़े पैमाने पर GST चोरी के मामले में कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 29 जनवरी की रात करीब 9 बजे रायपुर से हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई से राज्य में GST चोरी रोकने और वित्तीय
अनुशासन
बनाए रखने में प्रशासन की सक्रियता उजागर हुई है। DGGI की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस मामले में करीब 80 करोड़ रुपए के फर्जी इनवॉइस बनाए गए। इन फर्जी इनवॉइस के माध्यम से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब 14 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि संतोष वाधवानी अपने बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन कर रहा था। इसी फर्म के जरिए बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी बिल जारी किए गए।
DGGI अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया इनपुट और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर की गई। बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा और अन्य वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण करने पर स्पष्ट हुआ कि आरोपी फर्जी इनवॉइस के जरिए अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहा था। इसके आधार पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अपराध अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत दंडनीय है। गिरफ्तारी के बाद संतोष वाधवानी को रायपुर जिला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।
DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने कहा कि GST चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने कारोबारियों से GST कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील की है और फर्जी बिलिंग तथा टैक्स चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी इनवॉइस और ITC का दुरुपयोग न केवल राज्य के राजस्व को प्रभावित करता है, बल्कि कारोबार की ईमानदारी और आर्थिक अनुशासन को भी खतरे में डालता है। ऐसे मामलों में खुफिया इनपुट, डेटा एनालिटिक्स और बैंकिंग लेनदेन की जांच महत्वपूर्ण साबित होती है।
इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के टैक्स फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कारोबारियों को यह संदेश भी दिया गया कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी। राज्य के अन्य व्यापारिक केंद्रों में भी DGGI की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि GST चोरी और फर्जी बिलिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। विभाग का कहना है कि फर्जी इनवॉइस के मामलों में जल्द ही और गिरफ्तारी हो सकती है और सभी कारोबारी सख्त कानूनी प्रक्रिया के अधीन रहेंगे।
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