GST अपीलीय अधिकरण की पीठ शुरू, राज्य के सभी अपील मामलों की यहीं होगी सुनवाई
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय अधिकरण (GSTAT) की रायपुर पीठ ने आधिकारिक रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस संबंध में एक सार्वजनिक सूचना जारी कर व्यापारियों, करदाताओं, विभागीय अधिकारियों और अधिकृत प्रतिनिधियों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई है। यह कदम राज्य में जीएसटी से जुड़े मामलों के त्वरित और सुव्यवस्थित निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जारी सूचना के अनुसार, GSTAT रायपुर पीठ का अस्थायी कार्यालय नवा रायपुर के अटल नगर स्थित वाणिज्यिक कर-जीएसटी भवन में संचालित किया जाएगा, जिसे पूर्व में वैट अधिकरण भवन के रूप में उपयोग किया जाता था। इस नई व्यवस्था के तहत अब छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित सभी जीएसटी अपीलें इसी पीठ में दाखिल और सुनी जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह पीठ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 और राज्य जीएसटी कानूनों के तहत आने वाले सभी मामलों की सुनवाई करेगी। इसके साथ ही अपील, आवेदन और अन्य संबंधित प्रक्रियाएं अब जीएसटी अपीलीय अधिकरण (प्रक्रिया) नियम, 2025 के तहत ही रायपुर पीठ में प्रस्तुत की जाएंगी। इससे अपील प्रक्रिया को एकीकृत और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत करदाताओं की सुविधा के लिए ई-फाइलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से आवेदक ऑनलाइन ही अपने अपील दस्तावेज जमा कर सकेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। संबंधित नियम, दिशा-निर्देश और आदेश GSTAT के आधिकारिक पोर्टल के “NOTICE” सेक्शन में उपलब्ध हैं, जहां से आवेदक विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, अपील दाखिल करने या अन्य प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर आवेदकों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-103-4782 जारी किया गया है। इस नंबर पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
साथ ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया है। इस पहल के माध्यम से राज्य में जीएसटी विवादों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कई मामलों में अपील प्रक्रिया में देरी की समस्या सामने आती रही है, जिसे इस नई व्यवस्था से दूर करने की उम्मीद जताई जा रही है। रायपुर में पीठ शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही मामलों की सुनवाई संभव होगी, जिससे करदाताओं और विभागीय अधिकारियों दोनों को सुविधा मिलेगी। सार्वजनिक सूचना में व्यापार एवं उद्योग संगठनों से भी अपील की गई है कि वे इस जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक हितधारक इस नई सुविधा का लाभ उठा सकें। इससे न केवल जागरूकता बढ़ेगी बल्कि अपील प्रक्रिया में भागीदारी भी आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि GSTAT रायपुर पीठ के संचालन से राज्य में कर संबंधी विवादों के समाधान में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी सकारात्मक प्रभाव मिलने की संभावना है। फिलहाल, इस नई व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और करदाताओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह पीठ राज्य के कर विवाद निपटान तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगी।