Raigarh. रायगढ़। जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत रजघट्टा, जनपद पंचायत खरसिया के पंचायत सचिव गिरधर साहू को आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जनपद पंचायत खरसिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पत्र क्रमांक 92, दिनांक 07 जनवरी 2026 के माध्यम से प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना खरसिया में पंचायत सचिव गिरधर साहू के विरुद्ध अपराध क्रमांक 620/25 दर्ज किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 296, 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत पंजीबद्ध किया गया है। आपराधिक प्रकरण दर्ज होने को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए पंचायत सेवा नियमों के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई की है।
जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गिरधर साहू को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन आदेश तत्काल प्रभावशील माना जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में निष्पक्ष जांच एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निलंबन आवश्यक होता है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान पंचायत सचिव गिरधर साहू को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही इस अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत खरसिया निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना होगा। बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
जिला पंचायत अधिकारियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों से अनुशासन, आचरण और कानून के पालन की अपेक्षा की जाती है। किसी भी प्रकार का आपराधिक प्रकरण सामने आने पर शासन के नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी नियमों का पालन करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पंचायत व्यवस्था और जनविश्वास के लिए गंभीर विषय माना जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पंचायत सेवा में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन अथवा कानून विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में आगे की विभागीय एवं कानूनी प्रक्रिया संबंधित नियमों के तहत जारी रहेगी।