रायपुर। सुशासन तिहार 2026 को ग्रामीण क्षेत्रों में एक प्रभावी और उपयोगी पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के जरिए सरकार ने सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की, जिससे ग्रामीणों में सकारात्मक माहौल बना है।
कार्यक्रम के दौरान कई गांवों में लोगों की शिकायतें मौके पर ही सुनी गईं और कई मामलों का तुरंत निपटारा किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की पहल से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम हुई है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से मिलने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला है। लोगों का कहना है कि सरकार की यह पहल जमीन स्तर पर बदलाव लाने में मददगार साबित हो रही है। इस अभियान ने ग्रामीण विकास और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया है।
मौके पर ही निराकरण
राज्य शासन का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि गांव स्तर पर ही समाधान उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित कर आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहें।
शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। यहां आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा एवं उज्ज्वला योजना सहित अनेक योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया।
सुशासन से समय और धन की बचत
सरकार का मूल मंत्र अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। सुशासन तिहार के जरिए हम जनता के द्वार तक पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शेष आवेदनों का निराकरण एक सप्ताह के भीतर संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा कि यदि कोई आवेदक किसी योजना हेतु पात्र नहीं पाया जाता, तो उसे कारण सहित स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि कोई भ्रम न रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई।
कोमल साहू को एक घंटे के भीतर लर्निंग लाइसेंस मिला
कोमल साहू ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नई गाड़ी खरीदी है, जिसके लिए उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता थी। समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें शीघ्र ही लर्निंग लाइसेंस मिल गया। उन्होंने कहा कि शिविर में बिना किसी परेशानी के त्वरित सेवा मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई। कोमल साहू ने शासन-प्रशासन द्वारा लगाए गए समाधान शिविर की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इसी तरह ग्राम सोरिद के चार भाइयों विनोद चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, ललित चंद्राकर और डोमेंद्र चंद्राकर को समाधान शिविर में अलग-अलग किसान पुस्तिका प्रदान की गई। विनोद चंद्राकर ने बताया कि चारों भाइयों के बीच हाल ही में भूमि का बंटवारा हुआ है, जिसके बाद अलग-अलग किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी। समीपस्थ ग्राम लोहारडीह में आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल किसान पुस्तिका उपलब्ध करा दी गई। किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समाधान शिविर वास्तव में लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। खरीफ फसल की तैयारी के लिए किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी और सही समय पर इसका मिलना उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन और त्वरित समाधान के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
उम्मीद की नई किरण बना सुशासन तिहार
प्रशासन की संवेदनशीलता का ताज़ा उदाहरण नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुतुल में देखने को मिला। यहाँ आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन स्वयं चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा। पहले जहाँ छोटी-छोटी सरकारी प्रक्रियाओं के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय कर कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब सुशासन तिहार के माध्यम से गाँव में ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कुतुल निवासी सोनाय के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण वे शासन की खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए दो वक्त की रोटी और घरेलू जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। श्रीमती सोनाय ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि दूरस्थ क्षेत्र और प्रक्रिया की सही जानकारी न होने के कारण मैंने कई बार प्रयास किया, पर कार्ड नहीं बन पाया। मुझे लगा था कि इस बार भी लंबा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन यहाँ अधिकारियों ने मेरी समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर ही नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया।
समस्याओं के त्वरित निराकरण से बढ़ता है लोगों का विश्वास
सभी जिलों में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत निरंतर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विभाग की शाकंभरी योजना के अंतर्गत ईश्वरी बाई, विनोद कुमार को सिंचाई पंप प्रदान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पाँच हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग ने एक हितग्राही नूतन कुमार को व्हीलचेयर, तीन हितग्राहियों को श्रवण यंत्र तथा पाँच हितग्राहियों को छड़ी प्रदान की।
गांव-गांव पहुंच रहा समाधान, बदल रही जिंदगी
नवापारा निवासी किसान शिव कंवर, पिता बाबू सिंह कंवर को भी सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े कंवर लगभग तीन से चार एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है, लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण उन्हें हर वर्ष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पाने से फसल उत्पादन प्रभावित होता था और अतिरिक्त आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी। उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण किया गया तथा उन्हें पेट्रोल चालित पंप प्रदान किया गया। पंप मिलने से अब उन्हें सिंचाई में सुविधा होगी और खेती का कार्य अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा। इससे फसल उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।