सोना-चांदी की तस्करी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ डीआरआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तस्करी का रैकेट चलाने वाले गिरोह का लिंक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से जुड़ रहा है। डीआरआई की टीम ने एक महीने के अंदर दुर्ग और राजनांदगांव में कार्रवाई करते हुए 45 करोड़ रुपए से ज्यादा का सोना-चांदी जब्त किया है। उल्लेखनीय है कि डीआरआई की भोपाल, इंदौर और रायपुर की टीम ने मध्यप्रदेश, सागर और दुर्ग में कार्रवाई करते हुए नौ किलो से ज्यादा सोना के साथ 64 लाख 80 हजार रुपए जब्त किया है। डीआरआई की इंदौर यूनिट ने मुखबिर की सूचना के आधार पर सागर के पास एक कार से आठ किलो के करीब सोना जब्त किया। पूछताछ के आधार पर डीआरआई की टीम ने सागर के एक सराफा कारोबारी के ठिकाने पर छापे की कार्रवाई की। पूछताछ में उस कारोबारी ने अपना लिंक दुर्ग से होना बताया। उसी आधार पर डीआरआई की टीम ने दुर्ग में छापामारी करते हुए सोना और नकदी रकम जब्त किया। इस मामले में डीआरआई की टीम ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

सागर का कारोबारी फाइनेंसर डीआरआई के अफसरों के मुताबिक सोना-चांदी तस्करी के मामले का मुख्य फाइनेंसर सागर का कारोबारी है। पूछताछ में उस कारोबारी ने इसकी जानकारी डीआरआई के अफसरों को दी है। साथ ही पूछताछ में सागर के कारोबारी ने डीआरआई के अधिकारियों को बताया है कि उसका सिंडिकेट छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का निवासी है जो तस्करी के इस सोने को ठिकाने लगाने का काम करता है। अफसरों के अनुसार दुर्ग के कारोबारी ने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जांच में और कई बड़े नाम सामने आएंगे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कारोबारियों द्वारा बड़े पैमाने पर विदेश से सोना-चांदी तस्करी करने की बात सामने आने के बाद डीआरआई के अफसर पकड़े गए कारोबारियों से इनपुट एकत्रित कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक डीआरआई के अफसर प्राप्त इनपुट के आधार पर दुर्ग के साथ राजनांदगांव और रायपुर में छापे की कार्रवाई कर सकते हैं। डीआरआई के अफसर पकड़े गए कारोबारियों से विदेश से सोना तस्करी में दोनों राज्यों के कारोबारियों के साथ और कौन लोग जुड़े हैं, इस संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।


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