सभी निर्माण एजेंसियों एवं असंगठित कामगारों का श्रमिक पंजीयन कराएं: कलेक्टर कन्नौजे
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़ी योजनाओं, प्रशासनिक कार्यों और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, जनशिकायत पोर्टल (PGN) और पीजी पोर्टल से प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में किया जाए ताकि आम नागरिकों को त्वरित राहत और न्याय मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी आवेदन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
पीएम सूर्य घर योजना के लक्ष्य पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में शिविर लगाकर पात्र नागरिकों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें। कलेक्टर ने कहा, “सौर ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से घरों में न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।”
श्रम विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि श्रमिक वर्ग को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी असंगठित मजदूरों एवं निर्माण श्रमिकों का श्रम पंजीयन जल्द से जल्द पूरा करें ताकि उन्हें शासकीय सहायता योजनाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने सारंगढ़ और बिलाईगढ़ के दोनों एसडीएम को पीडीएस दुकानों और सहकारी समितियों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की अद्यतन रिपोर्ट और बरदाना की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। “किसी भी समिति में बरदाना की कमी या अव्यवस्था की शिकायत नहीं आनी चाहिए,” कलेक्टर ने स्पष्ट किया।
धरती आबा योजना और ई-ऑफिस प्रशिक्षण पर चर्चा
बैठक में उन्होंने धरती आबा योजना अंतर्गत जिले के 17 गांवों से संबंधित लंबित आवेदनों पर तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस संबंध में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग बद्रीश सुखदेवे को सभी विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन 6 नवंबर को जिला पंचायत कार्यालय में किया जाएगा। जो अधिकारी और कर्मचारी अभी ई-ऑफिस के संचालन में दक्ष नहीं हैं, उन्हें प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। कलेक्टर ने कहा कि ई-ऑफिस से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
सांसद खेल महोत्सव और सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने बताया कि 11 नवंबर को आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो। साथ ही, हरदी-सारंगढ़-दानसरा सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विद्युत खंभों की शिफ्टिंग और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से की जाए ताकि नागरिकों को यातायात में असुविधा न हो।
पीएम आवास और पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से सरिया क्षेत्र में बन रहे इंटक वेल और एमबी पानी टंकी के निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट मांगी और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए कहा। इस संबंध में सरिया सीएमओ मरकाम और ईई कश्यप को स्पष्ट निर्देश दिए गए। आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर कलेक्टर ने कृषि, सहकारिता, राजस्व, मार्कफेड और खाद्य विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीदी समितियों में बरदाना, छाया, पेयजल, शौचालय जैसी सभी व्यवस्थाएं पूर्व में ही पूरी कर ली जाएं ताकि खरीदी प्रक्रिया में कोई अव्यवस्था न हो।
आपदा और दुर्घटना सहायता प्रकरणों का शीघ्र निराकरण
बैठक के अंत में कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में घटित प्राकृतिक आपदाओं या सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सहायता राशि के प्रकरणों का निराकरण शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि “ऐसे मामलों में विलंब उचित नहीं है। पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।” कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने अधिकारियों से कहा कि शासन की सभी योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन सुनिश्चित करें।