फर्जी मानव अधिकार संगठन बनाकर वसूली करने वाला गिरोह पकड़ा, 6 आरोपी गिरफ्तार
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Sarguja. सरगुजा। जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताकर ग्रामीणों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह गांव-गांव जाकर लोगों को झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देता था और उनसे पैसे वसूलता था। आरोपी खुद को मानव अधिकार संगठन से जुड़ा बताकर घरों में घुसते और शराब बनाने, अवैध क्लीनिक चलाने जैसे आरोप लगाकर लोगों पर दबाव बनाते थे।
मामले की शुरुआत तब हुई जब सीतापुर थाना क्षेत्र के नकना निवासी सुरेंद्र कुमार ने 21 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे 6 युवक जबरन उनके घर में घुस आए और खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताते हुए घर की तलाशी लेने लगे। उन्होंने सुरेंद्र कुमार पर अवैध शराब बनाने का आरोप लगाया और 20 हजार रुपये की मांग की। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया जाएगा। डर के कारण सुरेंद्र कुमार ने उन्हें 4 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी गांव के ही दूसरे पारे में बिंदू महंत के घर पहुंचे, जहां उन्होंने बिना अनुमति के घर की तलाशी ली। बिंदू महंत के घर में रखी दवाओं को देखकर आरोपियों ने उन पर अवैध क्लीनिक चलाने का आरोप लगाया और एक लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने पूरे परिवार को डराया-धमकाया और अंततः 1 हजार रुपये लेकर वहां से चले गए। शिकायत के आधार पर सीतापुर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में श्यामलाल सारथी (54 वर्ष) और रामाकांत मिंज (34 वर्ष) निवासी रायगढ़, अनुज भगत (37 वर्ष) निवासी गोधनपुर अंबिकापुर, आकाश केरकेट्टा (27 वर्ष) निवासी नमनाकला अंबिकापुर, अबित खेस (27 वर्ष) निवासी विश्रामपुर और एक युवती शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वसूली करना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को वे बतौली क्षेत्र के देवरी गांव गए थे, जहां एक घर में फर्जी डॉक्टर का हवाला देकर पैसे वसूले थे। इसके बाद लुंड्रा थाना क्षेत्र के राता गांव में भी उन्होंने लोगों को धमकाकर पैसे लिए। 21 अप्रैल को नकना गांव में दो घरों से कुल 5 हजार रुपये की वसूली की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने अन्य किन-किन क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं की हैं। सीतापुर थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या संगठन के नाम पर यदि कोई धमकाता है या पैसे मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों ने राहत महसूस की है और पुलिस की तत्परता की सराहना की है।