Raipur. रायपुर। भारत रत्न लता मंगेशकर की 96वीं जयंती के अवसर पर रविवार को स्वर्णिम धरोहर लता फाउंडेशन (SDL Foundation, SDLF) ने श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर (अटल नगर) में मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल लता मंगेशकर के अमूल्य योगदान को याद करना था, बल्कि मरीजों और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था।
मरीजों के बीच फल वितरण
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजे फल वितरित किए। साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों से संवाद स्थापित किया गया और उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। इस पहल से मरीजों को न केवल पोषण मिला, बल्कि उनके मनोबल को भी मजबूती मिली।
लता मंगेशकर की प्रेरणादायी जीवन यात्रा का स्मरण
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने भारत रत्न लता मंगेशकर के जीवन और संगीत क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व और संगीत के माध्यम से समाज को दिए गए संदेश को सभी ने सराहा। सदस्यों ने कहा कि लता मंगेशकर केवल एक गायिका नहीं बल्कि एक प्रेरणा स्रोत भी थीं, जिनकी सादगी और समाजसेवा का कार्य हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
फाउंडेशन और विशिष्ट अतिथिगण
कार्यक्रम में एसडीएलएफ के संस्थापक मनोज शर्मा और अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह के नेतृत्व में आयोजन हुआ। अन्य विशिष्ट अतिथियों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के उप निदेशक धर्मवीर चौहान, बीएसएफ पलोद इकाई के कमांडेंट नवल किशोर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण उइके, कमला देवी संगीत महाविद्यालय की प्राचार्य आरती सिंह, प्रसिद्ध उद्घोषक कमल शर्मा, और सदस्यों विवेक टांक, दीपक होटवार, रुद्राक्ष, निखिल, सचिन सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम का उद्देश्य
स्वर्णिम धरोहर लता फाउंडेशन ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल मरीजों और तीमारदारों की मदद के लिए आयोजित किया गया, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक प्रयास था। फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि यह कार्यक्रम लता मंगेशकर की सामाजिक संवेदनशीलता और मानव सेवा के आदर्श को जीवंत करने का प्रयास है।
बच्चों पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम में विशेष रूप से बच्चों की स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी लेने पर जोर दिया गया। सदस्यों ने छोटे बच्चों के पोषण पर चर्चा की और उन्हें पौष्टिक फल वितरण किया। इस प्रयास से बच्चों और उनके अभिभावकों में खुशी और उत्साह का माहौल बना।
मरीजों और तीमारदारों के अनुभव
मरीजों और उनके तीमारदारों ने इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि अस्पताल में रहते हुए इस तरह की पहल से उन्हें मानसिक और शारीरिक सहारा मिलता है। फल वितरण के साथ बातचीत ने मरीजों के मनोबल को भी बढ़ाया। स्वर्णिम धरोहर लता फाउंडेशन समय-समय पर विभिन्न समाजसेवा गतिविधियों में सक्रिय रहता है। उनका उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना और जरूरतमंदों की मदद करना है। इस कार्यक्रम ने फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता को और उजागर किया।