Bilaspur. बिलासपुर। जिले में एक व्यापारी को रातों-रात अमीर बनाने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने दुर्ग से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को अयोध्या का पंडित (महाराज) बताकर वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद दुर्ग में जाकर छिप गया था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है। जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम रोगदा निवासी 57 वर्षीय जनकराम साहू किराना व्यापारी हैं। 12 जून को वे व्यापार विहार क्षेत्र में खरीदारी करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दो अज्ञात लोगों से हुई, जिन्होंने खुद को अयोध्या का पंडित बताते हुए बातचीत शुरू की। आरोपियों ने व्यापारी को अपने जाल में फंसाते हुए कहा कि वे धन को दोगुना करने का विशेष अनुष्ठान कर सकते हैं।
झांसे में आकर व्यापारी ने अपने पास मौजूद 2 लाख 50 हजार रुपये से भरा थैला आरोपियों को सौंप दिया। इसके बाद दोनों ठग मौका पाकर पैसे लेकर फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारी ने तुरंत तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तारबाहर थाना प्रभारी रविंद्र अनंत और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने जांच के दौरान इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच में पता चला कि आरोपी दुर्ग जिले में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के केला बाड़ी इलाके में दबिश देकर मुख्य आरोपी हैदर अली अंसारी (60) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले भी चोरी और धोखाधड़ी के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, इस ठगी कांड में शामिल दूसरा आरोपी वासिम खान अभी फरार है, जिसकी तलाश में टीम लगातार दबिश दे रही है। उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लोगों को धार्मिक आस्था और अंधविश्वास का फायदा उठाकर ठगी का शिकार बनाते थे। वे खुद को साधु-संत या पंडित बताकर लोगों को धन दोगुना करने का लालच देते थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।