Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में फर्जी अंकसूची के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर नियुक्ति कराने के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। शंकरगढ़ विकासखंड में सामने आए इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विष्णु यादव (33 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 18 अक्टूबर 2026 को पकड़ा गया और न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दसवें आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, फर्जी अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां कराने के लिए संगठित आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है।

फर्जी अंकसूची के आधार पर नियुक्ति कराने का आरोप
जानकारी के अनुसार, शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर नियुक्ति के दौरान फर्जी अंकसूची के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी की प्रभारी परियोजना अधिकारी ने 23 अगस्त 2025 को शंकरगढ़ थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर नियुक्ति कराने के लिए फर्जी अंकसूची और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके पीछे संगठित आपराधिक षड्यंत्र होने की आशंका भी जताई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच में सामने आया संगठित षड्यंत्र का मामला
शंकरगढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 115/2025 दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान फर्जी अंकसूची तैयार करने और उनके आधार पर नियुक्ति कराने में कई लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर मिलकर दस्तावेज तैयार किए और नियुक्ति प्रक्रिया में उनका उपयोग किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच की। इसके बाद प्रकरण में नाम सामने आने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

अगस्त 2025 में नौ आरोपी हुए थे गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में सुशीला सिंह, अरमाना, रिजवाना, प्रियंका यादव, उमाशंकर पैकरा, शिवनारायण, आबिद अंसारी, समसुद्दीन अंसारी और सहीना परवीन शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही थी।

लंबे समय से फरार था विष्णु यादव
पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में आरोपी विष्णु यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही थी। आखिरकार पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर विष्णु यादव को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के साथ प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों की संख्या दस हो गई है।

BNS की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
शंकरगढ़ थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 115/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 111 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

नियुक्ति प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का गंभीर मामला
आंगनबाड़ी सहायिका जैसी नियुक्तियों में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करते हैं। शंकरगढ़ में सामने आए इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है और संबंधित दस्तावेजों तथा आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है।
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