जनता से रिश्ता की खबर का असर, फार्महाउस में नशे की पार्टी, 21 युवक-युवतियां गिरफ्तार
जनता से रिश्ता के ख़बरों की पुष्टि हुई
जनता से रिश्ता की खबर का असर
जनता से रिश्ता की खबर सच निकली और इसकी पुष्टि हुई।
पिछले 13 वर्षों से नशे की पार्टियों और फार्महाउस कल्चर का निरंतर पर्दाफाश
नए साल और क्रिसमस से पहले रोजाना हो रही नशे की पार्टियों पर ध्यान
छत्तीसगढ़ में नाड़ा पैजामा छाप कांग्रेसी नेताओं का दबदबा और सांस्कृतिक पतन
नंगी पार्टी और फार्महाउस कल्चर, क्लब पार्टियों का लंबित चलन
कांग्रेस नेताओं के इशारे पर यह चलन आज तक नहीं रोका गया
कांग्रेस शासन में छोटे नेताओं ने बड़े नेताओं को प्रभावित करने के लिए न्यूड पार्टियों का जाल बिछाया
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में नए साल और क्रिसमस के मौके पर आयोजित होने वाली नशे की पार्टियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा थाना क्षेत्र के JD फार्म हाउस में दबिश देकर 21 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को नशे की हालत में पाया गया और उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पिछले 13 वर्षों से लगातार जनता से रिश्ता द्वारा किए जा रहे नशे और अश्लील पार्टियों के खुलासे के बाद हुई, जिसने अब पुलिस और प्रशासन की चेतना को सक्रिय कर दिया।
सूत्रों की मानें तो, यह फार्महाउस केवल एक साधारण पार्टी हॉल नहीं है, बल्कि यह क्लब में चल रही “आफ्टर पार्टी” का गढ़ बन चुका है। पार्टी सुबह 5 बजे तक चलती है और इसमें विशेष रूप से बुलवाई गई लड़कियों को शामिल किया जाता है। इन लड़कियों को जेम्स बेक द्वारा ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है। सबसे भयावह तथ्य यह है कि कुछ लड़कियों के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्ट जानकारी पहले से थी, फिर भी उन्हें रोज़ाना अलग-अलग लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा था।
क्लब अब केवल अश्लीलता और जिस्मफरोशी का अड्डा नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों के काले कारोबार का भी मुख्य केंद्र बन चुका है। JD फार्म हाउस में एमडीएमए (₹8000/ग्राम), ब्राउन शुगर (₹5000/ग्राम), कोकेन (₹18,000/ग्राम), चिट्ठा (₹10,000/ग्राम), एसिड (₹2000/टिकट), मौली (₹2000/टैबलेट) और हाइब्रिड मरीजुआना (₹4500/ग्राम) जैसे घातक नशे खुलेआम बेचे जा रहे थे। ये नशे केवल युवाओं की सेहत और भविष्य के लिए खतरा नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज को बर्बादी की ओर धकेलने का ज़हर बन चुके हैं। असामाजिक तत्वों का यह संगठित नेटवर्क न केवल मादक पदार्थों की बिक्री करता है, बल्कि जिस्मफरोशी और अश्लीलता के जरिए समाज के नैतिक और सामाजिक मूल्यों को भी नुकसान पहुँचा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के तहत संचालित हो रहा है। पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ में ऐसे नशे और फार्महाउस कल्चरल पार्टियों का दौर चल रहा है, जिनमें कांग्रेसी नेताओं का दबदबा और इशारा शामिल रहा है। 2017 से नंगी पार्टी और क्लब पार्टीज का यह चलन जारी है और अब तक किसी ने इसे रोकने का साहस नहीं दिखाया। जनता से रिश्ता की लगातार जांच और रिपोर्टिंग ने इस पूरे खेल को उजागर किया। हमारी खबर की पुष्टि हुई और इसका प्रभाव पुलिस कार्रवाई के रूप में सामने आया। सूत्रों के अनुसार, नए साल से पहले ऐसी नशे की पार्टियों पर नियंत्रण करना प्रशासन के लिए जरूरी था। अब तक यह क्लब और फार्महाउस एक प्रकार से सांस्कृतिक और सामाजिक भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुके थे।
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। सभी गिरफ्तार युवक-युवतियों से पूछताछ की जा रही है और इस पूरे काले कारोबार के पीछे के नेटवर्क, ड्रग्स की आपूर्ति और राजनीतिक संरक्षण की जांच की जा रही है। अधिकारी इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क से न केवल युवाओं का भविष्य खतरे में है, बल्कि यह पूरे समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए भी चुनौती है। यदि ऐसे नेटवर्क को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसका प्रभाव पूरे राज्य में फैलेगा और युवा नस्ल पर इसका घातक असर पड़ेगा।
यह कार्रवाई जनता और मीडिया की सतत निगरानी, खुलासे और खबरों के असर की स्पष्ट मिसाल है। पिछले 13 वर्षों से लगातार नशे और फार्महाउस पार्टियों का खुलासा करने के बाद अब प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। नए साल और क्रिसमस से पहले यह कार्रवाई युवाओं के लिए चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। JD फार्म हाउस की कार्रवाई केवल एक प्रारंभिक कदम है। पुलिस और प्रशासन पूरे राज्य में ऐसे असामाजिक तत्वों और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि राज्य में संस्कृति और नैतिक मूल्यों को बिगाड़ने वाले ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह से कैसे समाप्त किया जाएगा और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण की भूमिका को कैसे उजागर किया जाएगा।