अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर फोकस, एसपी ने ली अपराध समीक्षा बैठक
छग
Raigarh. रायगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में व्यापक अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रमुख मौजूद रहे। एसपी ने वर्ष 2026 के लिए जिले की पुलिसिंग को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना रखते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण और अपराधों में कमी लाने के निर्देश दिए। क्राइम मीटिंग में एसपी ने शरीर संबंधी अपराध, संपत्ति अपराध, चाकूबाजी, महिला अपराध और साइबर अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में कुछ अपराधों में हुई बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए इसके कारणों का विश्लेषण किया। संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।
महिला अपराधों की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर विशेष फोकस किया गया। एसपी ने दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या कम करने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। समीक्षा में सामने आया कि पूंजीपथरा, जूटमिल और खरसिया थाना क्षेत्रों में सड़क हादसों में वृद्धि हुई है, जबकि पुसौर, भूपदेवपुर और छाल क्षेत्रों में कमी दर्ज की गई है। इस पर डीएसपी ट्रैफिक और संबंधित थाना प्रभारियों को बीते तीन वर्षों के IRad डेटा का विश्लेषण कर दुर्घटना संभावित स्थलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
अनुविभागवार आर्म्स एक्ट, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी/डीएसपी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इसके बाद लंबित चालान, मर्ग प्रकरण और गंभीर अपराधों की केस डायरी की गहन समीक्षा कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। एसपी ने विजुअल पुलिसिंग को और मजबूत करने पर जोर देते हुए प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सतत मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी थाना क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त, मोबाइल पेट्रोलिंग और विशेष निगरानी बढ़ाने के आदेश भी दिए गए।
साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बताते हुए उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों को लगातार जारी रखने की बात कही। महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा पर आम नागरिकों की सहभागिता से पुलिस की कार्रवाई को और मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह सहित सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।