सामुदायिक शौचालय में खुल गई चाय-नाश्ते और अंडे की दुकान!
सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल.
सूरजपुर (प्रतापपुर): विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घाट पेंडारी से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क किनारे बनाए गए सामुदायिक शौचालय को ही रूप से दुकान में तब्दील कर दिया गया है। शौचालय में चाय-नाश्ता, बीड़ी-सिगरेट और अंडे की दुकान का संचालन किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत द्वारा आम लोगों की सुविधा और स्वच्छता के उद्देश्य से निर्मित सामुदायिक शौचालय पर लंबे समय से अवैध रूप से कब्जा कर दुकान संचालित की जा रही है। दुकान को बाकायदा व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति के उपयोग और पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस स्थान का निर्माण लोगों को स्वच्छता की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, उसी को अब चाय-नाश्ता और अंडे की दुकान संचालित होने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर सरकारी संपत्ति की उचित निगरानी नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है। इससे केंद्र सरकार की स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं और राज्य सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वही आम जनता के सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय में इस तरह का अमला सामने आने के बाद में हास्य रूप दिया जा रहा है। और ज्यादा शासन प्रशासन की कीर कीरो भी हो रही है।
शौचालय बना दुकान, निगरानी व्यवस्था पर सवाल
लोगों का कहना है कि यदि सरकारी भवन और सामुदायिक शौचालयों की नियमित निगरानी होती तो इस तरह वहां लंबे समय तक दुकान का संचालन संभव नहीं होता। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर शौचालय को कब्जे से मुक्त कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और सरकारी शौचालय को दुकान में तब्दील करने की अनुमति आखिर किस स्तर से मिली।
ग्रामीणों की जुबान पर एक ही सवाल—“दुकान खोलनी हो तो शौचालय में ही क्यों?”
इस विषय में जनपद पंचायत सीईओ अनिल तिवारी ने कहा कि मामले की जांच कराकर कारवाही की जाएगी