उरला थाना क्षेत्र में बाल श्रम मामले में संचालक के खिलाफ FIR दर्ज

छग

Update: 2026-03-13 16:38 GMT
Raipur. रायपुर। थाना उरला क्षेत्र में एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक विपिन ठाकुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने इंद्राक्षी पॉली प्लास्ट एलएलपी, प्लांट प्लाट नं. 387, सेक्टर-ए, इंडस्ट्रीयल एरिया में छापेमारी की। टीम ने फैक्ट्री में नाबालिग बालक को जोखिम भरे कार्य करते पाया, जिससे प्रथम दृष्टया बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम, 1986 तथा बालक अधिकार संरक्षण अधिनियम 2015 का उल्लंघन साबित होता है। जांच में पता चला कि बालक वेणु निषाद, पिता जीवन लाल निषाद, उम्र 16 वर्ष, निवासी किल्ला पारा, वार्ड नं. 09, बम्हनी, थाना महासमुंद को प्लास्टिक की मशीनों में काम करवाया जा रहा था। बालक ने बाल कल्याण समिति के सामने बताया कि वह अपने बड़े भाई राहुल निषाद के साथ रायपुर आया था और उसे 13,000 रुपए प्रतिमाह देने की बात कही गई थी। बालक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक काम करता था। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और बालक को बाल कल्याण समिति रायपुर के समक्ष पेश किया। उम्र सत्यापन में राहुल निषाद 18 वर्ष का पाया गया।

उसे माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बालक वेणु के अनुसार, फैक्ट्री में प्लास्टिक की कुर्सियों का निर्माण किया जाता है और यह कार्य अत्यधिक तापमान और बड़ी मशीनों के माध्यम से कराया जाता है, जो मानव अधिकारों और बाल अधिकारों के गंभीर हनन का मामला है। इस घटना में फैक्ट्री संचालक राजीव गार्डिया पिता प्रमोद गार्डिया, निवासी शंकर नगर पर अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता 2023,
किशोर न्याय अधिनियम
2015, बालक एवं कुमार श्रम अधिनियम 1986, तथा बंधुआ मजदूर उन्मूलन अधिनियम 1976 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकती है। कार्यवाही में श्रम निरीक्षक दीपक सोनवानी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी माधुरी शर्मा, संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत देखरेख संजय निराला, सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल, चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर विजय कुमार साहू, दयानंद गेण्ड्रे, मालती साहू, और थाना उरला की पुलिस महिला प्रधान आरक्षक प्रमिला कुंजाम सहित अन्य पुलिस बल शामिल थे। इस कार्रवाई के माध्यम से बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने यह संदेश दिया कि नाबालिगों का जोखिम भरे कार्यों में उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बालक की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित किया गया।
Tags:    

Similar News