Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से लगातार दुष्कर्म करने और उसकी उम्र छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रसव कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पीड़िता के पिता समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर नाबालिग पीड़िता का शोषण करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, गलत जानकारी देकर अस्पताल में प्रसव कराने और नवजात शिशु को अन्य व्यक्ति को देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
2023 से चल रहा था शोषण का आरोप
पीड़िता ने 17 अगस्त 2026 को थाना न्यू राजेंद्र नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि वर्ष 2023 में उसके पिता ने अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर में उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता के अनुसार आरोपी पिता ने घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके कारण वह डर के कारण किसी को जानकारी नहीं दे सकी। इसके बाद आरोपी पिता लगातार उसका शोषण करता रहा। पुलिस के मुताबिक इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई। जब उसने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी तो बुआ ने यह बात उसके पिता को बताई। इसके बाद पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और बुआ की मदद से पीड़िता को मारपीट कर दवा खिलाई गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
दोबारा गर्भवती होने के बाद रची गई साजिश
पीड़िता के अनुसार कुछ समय बाद आरोपी पिता ने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई। गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद पिता उसे वर्षा मंडल के घर लेकर गया। आरोप है कि वर्षा मंडल ने पीड़िता को अपने पास रखने और सुरक्षित प्रसव कराने की बात कही। इसके बाद पीड़िता को गीता राय के घर भेज दिया गया, जहां वह करीब दो महीने तक रही। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
अस्पताल में कराया गया प्रसव
पुलिस के अनुसार गीता राय द्वारा पीड़िता को वासुदेव हॉस्पिटल डंगनिया, रायपुर में भर्ती कराया गया। वहां ऑपरेशन के माध्यम से पीड़िता ने एक पुत्र को जन्म दिया। आरोप है कि प्रसव के बाद नवजात बच्चे को डॉक्टर, पीड़िता के पिता और अन्य संबंधित लोगों की मिलीभगत से किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया। इस दौरान पीड़िता से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए, जिन्हें उसने डर के कारण किया था। प्रसव के बाद पीड़िता को करीब 15 दिनों तक गीता राय के घर रखा गया और बाद में उसका पिता उसे वापस अपने घर ले गया।
पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने जांच शुरू करते हुए पीड़िता के पिता सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में पीड़िता का पिता, पीड़िता की बुआ, रोहित कुमार राय उम्र 35 वर्ष निवासी करण नगर चंगोराभांठा, साहेब मंडल उम्र 42 वर्ष निवासी ऋषभ नगर, योगिता राय उर्फ गीता राय उम्र 32 वर्ष और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल उम्र 34 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना न्यू राजेंद्र नगर में अपराध क्रमांक 289/2026 दर्ज किया है। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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