बेमेतरा में विवाद के दौरान पिता-पुत्र पर हमला, आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी
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Bemetara. बेमेतरा। थाना पुलिस चौकी खण्डसरा क्षेत्र में दिनांक 19 अक्टूबर 2025 की रात को एक विवाद के दौरान पिता और पुत्र पर हमला किया गया। घटना में पिता और पुत्र दोनों घायल हुए हैं और आरोपियों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। घटना की सूचना पुलिस को आरक्षक द्वारा दी गई, जो खुद चौकी खण्डसरा में पदस्थ हैं। आरक्षक ने बताया कि वह ग्राम ओड़िया में रहते हैं और कृषि कार्य करते हैं। वे और उनका बेटा छबीलाल साहू 19 अक्टूबर की रात करीब 9.30 बजे ठाकुर देव चौक के पास आयोजित सेवा गीत देखने गए थे।
आरक्षक के अनुसार, उसी दौरान शाहिल दोहरे और निखिल दोहरे नामक दो युवकों ने गली से आते हुए मां बहन की अश्लील गाली दी और अपने व्यवहार से आपत्तिजनक स्थिति उत्पन्न की। जब छबीलाल साहू ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो दोनों आरोपियों ने हाथ-पैर से मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान, पिता बीच-बचाव के लिए सामने आए तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरक्षक ने बताया कि उन्हें सिर के पीछे चोट लगी, जिससे खून बहा, और कमर में दर्द है। उनके पुत्र छबीलाल साहू के बाएं हाथ और दोनों गालों में चोट आई है।
घटना के समय कुछ स्थानीय लोग भी मौजूद थे। विमल साहू और रविकांत चंद्राकर ने मारपीट को देखा और बीच-बचाव की कोशिश की। घायल पिता-पुत्र ने बताया कि आरोपियों के डराने धमकाने और हमला करने के कारण वे काफी भयभीत थे। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 00/2025 दर्ज कर धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की नालसी अपराध असल नंबरी भी थाना बेमेतरा में दर्ज कर ली गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में सुरक्षा और शांति के लिए चिंता का विषय हैं।
वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों को देखते ही तुरंत रिपोर्ट करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। घायल पिता और पुत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद उचित उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है। घटना ने क्षेत्र में रहने वाले लोगों में डर और चिंता पैदा कर दी है। कई लोग मानते हैं कि इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि स्थानीय विवाद और गाली-गलौज हिंसा में बदल सकती है, और इसके लिए कानून के माध्यम से सख्त कदम उठाना आवश्यक है।