धमतरी में फर्जी सिम बेचने वाले अरेस्ट, फिंगरप्रिंट स्कैनर जब्त

Update: 2025-10-13 12:10 GMT
धमतरी। एसपी के निर्देशन में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है, सिटी कोतवाली और सिहावा पुलिस द्वारा फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने से संबंधित तीन अलग-अलग मामलों में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। यह कार्यवाही साइबर अपराधों एवं फर्जी सिम जारी करने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई

■ पहला मामला थाना सिटी कोतवाली धमतरी-:

अपराध क्रमांक 158/2025धारा 319(2), 318(4) बी.एन.एस. एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट

◆ आरोपी का नाम

● नागेन्द्र साहू पिता होमलाल साहू उम्र 26 वर्ष निवासी गौरा चौरा, लालबगीचा, थाना सिटी कोतवाली, जिला धमतरी

प्रार्थी रविंदर सिंह अजमानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी नागेन्द्र साहू ने मई-जून 2024 में उसका आधार कार्ड, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट एवं लाइव फोटो लेकर उसके नाम से एयरटेल कंपनी का फर्जी सिम (नंबर 7089353106) जारी किया।

◆ जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी से जप्त सामान-:

● 01 नग POS सिम (7415532227)

●01 नग वनप्लस टी मोबाइल

● 01 नग मंत्रा कंपनी की फिंगरप्रिंट मशीन

जप्त कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

◆ दूसरा मामला थाना सिटी कोतवाली धमतरी-: अपराध क्रमांक 84/2025

धारा 318(4), 3(5) बी.एन.एस. एवं 66(सी) आईटी एक्ट

आरोपियों का नाम

●(01) उमेश साहू पिता द्वारिका साहू उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम इर्रा, थाना भखारा, जिला धमतरी (छ.ग.)

● (02) वासुदेव साहू उर्फ वासु साहू पिता उमाकांत साहू उम्र 28 वर्ष निवासी विद्यावासिनी वार्ड, थाना सिटी कोतवाली, जिला धमतरी (छ.ग.)

◆ संक्षिप्त विवरण 

दोनों आरोपी पीओएस ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हुए फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी करने में संलिप्त पाए गए।गवाहों के समक्ष पूछताछ व मेमोरेंडम कथन के आधार पर उनसे दो मोबाइल फोन जप्त किए गए।पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

■ तीसरा मामला थाना सिहावा, जिला धमतरी अपराध क्रमांक 30/२०२५ धारा 66(c) आईटी एक्ट एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023

◆ आरोपी का नाम

ओनिल कुमार साहू पिता लिखन लाल साहू, उम्र 21 वर्ष, निवासी नवागांव वार्ड क्रमांक 8, थाना बोरई, जिला धमतरी

◆ संक्षिप्त विवरण

जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा बिना वैधानिक सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए पहचान पत्रों के आधार पर POS फर्जी सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे, जिससे दूरसंचार सुरक्षा व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो रहा था। इस पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

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