ग्रीष्मकाल के लिए पेयजल कंट्रोल रूम का गठन, नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति

छग

Update: 2026-03-03 18:37 GMT
Mahasamund. महासमुंद। ग्रीष्मकाल के दौरान जिले में जल संकट और पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए उपखण्ड एवं विकासखण्ड स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम का गठन किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करना और जल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।

उपखण्ड एवं विकासखण्ड स्तर प्रभारी नियुक्ति
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आदेशानुसार, उपखण्ड महासमुंद में सहायक अभियंता किशोर कुमार साहू (मो. 76940-27801) को प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह उप अभियंता आलोक शुक्ला (मो. 95754-68004) को विकासखंड महासमुंद के प्रभारी और उप अभियंता सुदर्शन मरावी (मो. 86021-51705) को विकासखंड बागबाहरा एवं पिथौरा के प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को संबंधित क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था और पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान का दायित्व सौंपा गया है। उपखण्ड सरायपाली में सहायक अभियंता खिलेश्वर साहू (मो. 97538-48347) को उपखण्ड प्रभारी बनाया गया है, जबकि उप अभियंता महेन्द्र ध्रुव (मो. 84351-52676) विकासखंड सरायपाली एवं बसना के प्रभारी होंगे। ये अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि क्षेत्र में जल संकट के दौरान जल आपूर्ति लगातार बनी रहे और शिकायतों का समय पर निवारण हो।

जिला स्तर पर निगरानी और संपर्क व्यवस्था
जिला स्तर पर कंट्रोल रूम के प्रभारी अनुरेखक हेमन्त पैकरा नियुक्त किए गए हैं। नागरिक इनसे मोबाइल नंबर 88156-03447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आम जनता विभाग को टोल फ्री नंबर 18002330008 एवं 1916 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकती है। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान प्रदान किया जाएगा। इसके तहत जल टैंकर, नलों की मरम्मत, पाइपलाइन लीक या जल वितरण में आने वाली समस्याओं का तत्काल निवारण किया जाएगा। इस व्यवस्था से ग्रीष्मकाल में जल संकट से बचाव और नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नागरिकों के लिए लाभ और सुविधाएं
इस पहल से जिले के नागरिकों को कई फायदे मिलेंगे। शिकायत निवारण त्वरित होने से जल आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी और उनके मोबाइल नंबरों के माध्यम से सीधे संपर्क करना संभव होगा। साथ ही टोल फ्री नंबर की सुविधा से ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अपनी समस्याओं को आसानी से विभाग तक पहुंचा पाएंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड बनाए रखा जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपखण्ड और विकासखंड स्तर पर नियुक्त प्रभारी अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की जल आपूर्ति समस्या का समाधान करेंगे।

इस व्यवस्था के तहत ग्रीष्मकाल के दौरान जल संकट कम करने, पाइपलाइन एवं जल टैंकर की स्थिति पर निगरानी रखने और नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति देने का कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। नागरिकों से विभाग ने अपील की है कि किसी भी जल समस्या की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम या मोबाइल नंबर के माध्यम से दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस पहल से महासमुंद जिले में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति में सुधार और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
Tags:    

Similar News