Balrampur. बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कोटराही गांव में बुधवार को प्रशासनिक अमले ने करीब 3 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से अवैध कब्जे हटाए गए और भूमि का सीमांकन कराकर मार्किंग भी की गई, ताकि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जा न हो सके। जानकारी के अनुसार, यह भूमि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए आरक्षित की गई थी। विद्यालय के निर्माण और अधोसंरचना विकास के लिए निर्धारित सरकारी जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों के आधार पर राजस्व विभाग ने मामले की जांच की और भूमि से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की।
अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अमला जेसीबी और अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ कोटराही गांव पहुंचा। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। मौके पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी बसंतपुर, चौकी प्रभारी वाड्रफनगर, संबंधित राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।
प्रशासन के अनुसार, सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर पहले भी संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद अतिक्रमणकारियों को भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान जेसीबी की सहायता से भूमि पर बनाए गए अस्थायी और अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसके बाद जमीन का सीमांकन कर गड्ढे खुदवाकर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। प्रशासन का कहना है कि भूमि की मार्किंग करने का उद्देश्य यह है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा इस सरकारी जमीन पर कब्जा न कर सके।
अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई राजस्व रिकॉर्ड और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अतिक्रमण हटने के बाद अब एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इस भूमि का उपयोग विद्यालय की अधोसंरचना तैयार करने, विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय विशेष रूप से आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं। ऐसे विद्यालयों में बेहतर भवन, छात्रावास, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत होती है। प्रशासन का कहना है कि जमीन उपलब्ध होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने से क्षेत्र के विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा। बलरामपुर प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में अन्य शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की भी जांच की जा रही है। जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।