मुठभेड़ UPDATE: सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया, DRG के 3 जवान शहीद

छग

Update: 2025-12-03 12:55 GMT
Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। इस मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन बहादुर जवान—प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी ने वीरगति प्राप्त की। इसके अलावा DRG के दो जवान घायल हुए हैं, हालांकि दोनों का इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। घटना की पुष्टि बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने की है।

घटना सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई, जब DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। घने जंगलों में तलाशी के दौरान नक्सलियों ने टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद घंटेभर चली मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। मौके से सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं।

जिनमें SLR राइफल, INSAS और 303 राइफलें शामिल हैं। बरामद हथियारों से स्पष्ट है कि मुठभेड़ में शामिल नक्सली लंबे समय से बड़े हमलों की तैयारी कर रहे थे। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि नक्सलियों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है और कुछ नक्सली घायल अवस्था में जंगल की ओर भागे होंगे। आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि सुरक्षा बलों ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी और माओवादी हिंसा के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि सर्च ऑपरेशन अभी जारी है और क्षेत्र में अतिरिक्त फोर्स भेज दी गई है। जवान पूरे इलाके में गहराई से सर्च कर रहे हैं ताकि भागे हुए नक्सलियों के ठिकानों और उनके हथियारों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि जंगल में खून के निशान मिले हैं, जो संकेत देते हैं कि कुछ नक्सली गंभीर रूप से घायल होकर भागे हैं। मुठभेड़ की खबर मिलते ही गंगालूर और आसपास के गांवों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए ग्रामीणों को सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान जंगल की ओर जाने से बचने की अपील की है। बस्तर संभाग में यह इस वर्ष की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक मानी जा रही है और इसे नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षाबलों ने स्पष्ट कर दिया है कि जंगलों में नक्सलियों की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
Tags:    

Similar News