Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों को लेकर सरकार की सख्ती अब दिखने लगी है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आरपी वर्मा ने एक आदेश जारी कर राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत प्रभारी उप संचालक डॉ. राजेश कुमार सिंह का तबादला कर दिया है। उन्हें प्रभारी उप संचालक के पद पर संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर कार्यालय में पदस्थ किया गया है। जारी आदेश के अनुसार डॉ. राजेश कुमार सिंह, जिनका मूल पद प्राचार्य का है, वर्तमान में राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, पेंशनबाड़ा रायपुर में प्रभारी उप संचालक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे।
राज्य शासन ने उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए प्रशासनिक आधार पर उन्हें बिलासपुर शिक्षा संभाग में प्रभारी उप संचालक के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया है। दरअसल राज्य सरकार ने हाल ही में स्थानांतरण नीति लागू करने के साथ ही विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया था। सरकार ने निर्देश दिया था कि लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल विभागों में वापस भेजा जाए। इस फैसले के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि कई वर्षों से मलाईदार पदों पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाकर मूल पदस्थापना में वापस भेजा जाएगा।
हालांकि, विभागीय सूत्रों की मानें तो अब तक इस दिशा में अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग में अभी भी कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। माना जा रहा है कि विभाग के कुछ प्रभावशाली अधिकारियों की शह के कारण यह व्यवस्था अभी भी जारी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह कदम आगे आने वाले बड़े फेरबदल की शुरुआत हो सकता है। यदि सरकार अपने निर्देशों पर सख्ती से अमल करती है तो जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और संयुक्त संचालक कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे कई शिक्षकों और अधिकारियों को उनकी मूल संस्था में लौटना पड़ सकता है।
इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी भेज दी गई है। इनमें मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक, राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के आयुक्त, रायपुर और बिलासपुर के कलेक्टर, शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर तथा रायपुर और बिलासपुर के जिला कोषालय अधिकारियों को शामिल किया गया है। सरकार के इस कदम को शिक्षा विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की प्रक्रिया तेज होती है तो शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।