रायपुर  छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी की कार्रवाई आखिरकार पूरी हो गई है। रायपुर, धमतरी, दुर्ग-भिलाई और बलरामपुर में ईडी की टीमों ने पूर्व मुख्यमंत्री के करीबियों के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी थी, जहाँ कार्रवाई समाप्त कर जांच टीमें वापस लौट गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई प्रमुख स्थानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री के निज सहायक (PA) के.के. चंद्रवंशी के ठिकानों पर दबिश देकर गहन जांच की। इसके अलावा पूर्व सीएम के ओएसडी (OSD) चेतन बोरगड़िया के बलरामपुर स्थित परिसरों में भी बड़े पैमाने पर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की छानबीन की गई।
धमतरी और दुर्ग-भिलाई समेत बलरामपुर के सभी चिन्हित ठिकानों पर अपनी कार्रवाई और दस्तावेजों की पड़ताल पूरी करने के बाद ईडी की टीमें वापस लौट आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई के बाद से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
बता दें की छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के अमलतास पुरम कॉलोनी में मंगलवार को आम दिनों की तरह यहां आवाजाही तो थी, लेकिन अचानक दो गाड़ियों के पहुंचते ही माहौल बदल गया। गाड़ियों से ED की टीम उतरी और सीधे A-10 स्थित मकान में दाखिल हुई। बताया जा रहा है कि यह मकान चेतन बोरघरिया का है, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व OSD रह चुके हैं। करीब आठ सदस्यीय टीम के पहुंचते ही घर के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ गई। हर किसी के मन में एक ही सवाल था आखिर ED की टीम यहां क्यों पहुंची है। ED की टीम के घर पहुंचने के बाद जांच का सिलसिला शुरू हुआ। टीम ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, फाइलों और दूसरे रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच कई घंटे तक चलती रही। इस दौरान टीम ने अलग-अलग दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला। हालांकि ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर मौके पर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। यही वजह है कि कार्रवाई को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाते रहे, लेकिन तस्वीर उस वक्त और दिलचस्प हो गई, जब घंटों की जांच के बाद ED की टीम घर से बाहर निकली।
शाम करीब 6:30 बजे ED की टीम मकान से बाहर निकली। करीब 10 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम के हाथों में नजर आईं कागजों से बंधी कुछ गठरियां और दस्तावेज थे। इन दस्तावेजों को टीम अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अब यही कागज इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। आखिर इन फाइलों में क्या है कौन-कौन से दस्तावेज ED के हाथ लगे? क्या इन दस्तावेजों का किसी पुराने मामले से कनेक्शन है और क्या इन कागजात के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी? इन तमाम सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं। अब बात उस कड़ी की, जिसकी वजह से ED की यह कार्रवाई चर्चा में है। चेतन बोरघरिया का नाम CG-PSC भर्ती घोटाले से जुड़े आरोपों के संदर्भ में सामने आ चुका है। इसी बीच उनके निवास पर ED की कार्रवाई ने इस पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि यह साफ करना जरूरी है कि ED की ओर से फिलहाल यह आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया है कि मंगलवार की कार्रवाई में क्या-क्या बरामद या जब्त किया गया और इसका CG-PSC मामले से क्या सीधा संबंध है।
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