दुर्ग पुलिस ने म्यूल अकाउंट रैकेट का किया पर्दाफाश

छग

Update: 2025-12-03 18:26 GMT
Durg. दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में बंधन बैंक के ‘म्यूल अकाउंट’ रैकेट का पर्दाफाश किया है। सुपेला थाना और एसीसीयू यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में 27 खातों के जरिए 1 करोड़ 20 लाख 57 हजार 549 रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि यह जांच भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित "समन्वय पोर्टल" से प्राप्त जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी। लगभग एक महीने पहले मामला दर्ज किया गया और उसके बाद पुलिस ने तहकीकात शुरू की।
पोर्टल की रिपोर्ट में सामने आया कि बंधन बैंक की नेहरू नगर शाखा में खोले गए कई खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी की रकम के लेनदेन और उसे वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इन खातों की निगरानी कर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया। साइबर टीम और सुपेला थाना की संयुक्त कार्रवाई में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये आरोपी रैकेट के मुखिया के निर्देश पर खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल कुछ लोग खाताधारक थे जबकि अन्य लोग रकम ट्रांसफर और वितरण में शामिल थे।
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के म्यूल अकाउंट का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश और बैंकिंग धोखाधड़ी में अक्सर किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बैंक खाता या पासवर्ड न दें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि रैकेट में शामिल लोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगी कर रहे थे। अब तक प्राप्त सबूतों और गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ के आधार पर अन्य सहयोगियों की पहचान करने के लिए भी जांच जारी है। अधिकारी ने बताया कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारी हो सकती है और पुलिस पूरे रैकेट को पूरी तरह से भंग करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस कार्रवाई से दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराध पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह कड़ा संदेश है कि धोखाधड़ी और अवैध लेनदेन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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