दुर्ग पुलिस ने चिट्टा तस्करी गिरोह के 20वें आरोपी को पकड़ा

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Update: 2025-09-29 15:35 GMT
Durg. दुर्ग। पंजाब से जुड़ी हेरोइन (चिट्टा) तस्करी की चेन को तोड़ने के लिए दुर्ग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सोमवार को पुलिस ने गिरोह के 20वें आरोपी आयुष बंसल, निवासी हाउसिंग बोर्ड जामुल, को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई ने जिले में सक्रिय नशा माफिया के नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आयुष बंसल गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पंजाब से मंगाए गए
चिट्टा
की खरीद-बिक्री करता था। इसके लिए वह बाकायदा व्हाट्सऐप ग्रुप और कॉल का इस्तेमाल करता था। ग्राहकों से लेन-देन और सप्लाई का पूरा सिस्टम इसी वर्चुअल नेटवर्क के जरिए संचालित होता था।
ऑनलाइन और नकद लेन-देन का खेल
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी नशे की डील के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को प्राथमिकता देते थे। ज्यादातर मामलों में पेटीएम, फोनपे और अन्य डिजिटल माध्यमों से रकम ली जाती थी। वहीं, जहां डिजिटल ट्रांजेक्शन संभव नहीं होता था, वहां कैश भुगतान किया जाता था। पुलिस ने आरोपी से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसके जरिए यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था।
संगठित तरीके से चल रहा था नेटवर्क
दुर्ग पुलिस की जांच में सामने आया है कि नशे के कारोबार में शामिल ये सभी आरोपी संगठित रूप से काम कर रहे थे। हर सदस्य की जिम्मेदारी तय थी। कोई हेरोइन पंजाब से लाने का काम करता था, तो कोई उसे बांटने और बेचने का। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी लगातार संपर्क में रहते और योजनाबद्ध तरीके से खरीदी-बिक्री की गतिविधियों को अंजाम देते थे। एएसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि, “हम इस पूरे चैनल को जड़ से खत्म करेंगे। गिरोह के हर सदस्य को पकड़ने के लिए हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।”
“ऑपरेशन विश्वास” के तहत कार्रवाई
दुर्ग जिले में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने “ऑपरेशन विश्वास” शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस लगातार दबिश देकर नशा माफिया को पकड़ रही है। अब तक इस अभियान में कुल 20 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। थाना मोहन नगर पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को आयुष बंसल की गिरफ्तारी हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क दुर्ग-भिलाई समेत आस-पास के इलाकों तक फैला हुआ था और पंजाब से आने वाली हेरोइन की बड़ी खेप यहां सप्लाई होती थी।
और भी नाम आ सकते हैं सामने
पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क में अभी और भी लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कई नाम सामने आ चुके हैं। पुलिस इनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि नशे के इस अवैध धंधे ने युवाओं को खासा प्रभावित किया है। खासकर छात्र वर्ग इस जाल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई ने इलाके के लोगों में राहत की भावना जरूर पैदा की है, लेकिन साथ ही यह भी साफ हो रहा है कि इस गहरे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में समय लगेगा।
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