ट्रैक्टर हादसे में चालक की मौत, मवेशियों को बचाने के प्रयास में हुई दुर्घटना
छग
Sukma. सुकमा। जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें ट्रैक्टर चालक लक्ष्मण मरकाम की जान चली गई। हादसा ग्राम ढोंढरा पत्ता गोदाम के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 13 अगस्त की रात करीब 9:15 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क पर सोए हुए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे ट्रैक्टर पलट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी के अनुसार, ग्राम कोत्ताचेरू निवासी माड़वी लखमा, मरकाम चंद्रा (सरपंच पति कोत्ताचेरू), उमेश कुमार वंजाम (पंच) और हुंगा मड़कम 13 अगस्त की रात ट्रैक्टर क्रमांक CG-18-P-2740 में सवार होकर ग्राम कोंटा से ग्राम कोत्ताचेरू की ओर जा रहे थे। ट्रैक्टर को लक्ष्मण मरकाम चला रहा था।
जैसे ही वाहन ग्राम ढोंढरा पत्ता गोदाम के पास पहुंचा, तो सड़क पर मवेशियों का एक बड़ा झुंड सोया हुआ मिला। ट्रैक्टर चालक ने तेज गति में ही मवेशियों को बचाने की कोशिश की और वाहन को सड़क के किनारे से निकालने का प्रयास किया। इस दौरान ट्रैक्टर का बड़ा टायर सड़क किनारे पड़े एक बड़े पत्थर से टकरा गया, जिससे जोरदार झटका लगा और ट्रैक्टर चालक लक्ष्मण मरकाम दूर जा गिरा। हादसे में ट्रैक्टर ट्रॉली भी पलट गई। घटना में ट्रैक्टर चालक के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि बाकी सवारियों को हल्की चोटें आईं। तत्काल ग्रामीणों और साथियों ने चालक को इलाज के लिए कोंटा अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, हालत गंभीर होने के चलते उसे बेहतर इलाज के लिए तेलंगाना के भद्राचलम स्थित खिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्य से 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात करीब 2 बजे लक्ष्मण मरकाम की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने कोंटा थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। प्रारंभिक पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि हादसा कोंटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ है, इसलिए थाना प्रभारी ने वहीं प्रथम सूचना दर्ज करने की बात कही। इसके बाद परिजन मृतक का शव लेकर कोंटा आए और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।
सूचक माड़वी लखमा ने अपनी लिखित शिकायत में पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था, जो मवेशियों को बचाने के प्रयास में हुआ। पुलिस ने सूचक की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मृतक का शव पंचनामा कार्यवाही में लिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सड़क पर मवेशियों के बैठे रहने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर रात के समय मवेशी सड़क पर बैठ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और हादसों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने मृतक लक्ष्मण मरकाम को मेहनती और मिलनसार व्यक्ति बताया, जिसकी मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुई इस घटना ने खुशी के माहौल को भी गमगीन कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही, सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी और हादसे के समय की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।