Raipur. रायपुर। ग्राम घुमराभांठा, थाना आरंग, जिला रायपुर निवासी एक युवक ने अपने ही गांव में मछली मारने को लेकर हुए विवाद में मारपीट का शिकार होने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि वह कक्षा तीसरी तक पढ़ाई कर चुका है और वर्तमान में राजमिस्त्री का काम करता है। साथ ही, अपने तालाब में मछली पालन कर जीवनयापन कर रहा है। दिनांक 12 सितंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे मछली मारने को लेकर कैलाश गायकवाड़, भूपेंद्र गायकवाड़, कौशल गायकवाड़ सहित अन्य लोगों ने उसके साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने अश्लील गालियाँ देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद लोहे के हुक से हमला कर दिया, जिससे युवक की बाईं आँख के ऊपर गंभीर चोट आई।
घटना के समय मौजूद चांदनी कोसले, पार्वती कोसले और बसंती कोसले ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। पीड़ित ने बताया कि विवाद मामूली बात से शुरू हुआ, लेकिन आरोपियों ने उग्र होकर हिंसा का सहारा लिया। ग्रामीण क्षेत्र में जल संसाधनों को लेकर बढ़ते विवादों ने तनाव को जन्म दिया है। मछली पालन जैसी जीविकोपार्जन की गतिविधियों पर झगड़े आम होते जा रहे हैं। इस घटना ने सुरक्षा और अनुशासन के विषय में चिंताएँ बढ़ा दी हैं। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में जल संसाधनों को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की है और कहा है कि आपसी मतभेद को बातचीत से सुलझाना चाहिए। हिंसा और गाली-गलौच से न केवल संबंध खराब होते हैं बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी बनता है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जल संसाधनों पर विवादों का समाधान कानूनी तरीके से और आपसी सहयोग से ही संभव है। पुलिस ने पीड़ित को सुरक्षा का भरोसा दिया है और मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीण समाज में शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि सभी पक्ष धैर्य रखें, विवादों को समझदारी से सुलझाएँ और कानून का पालन करें। प्रशासन की तरफ से भी कहा गया है कि ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके।