Digital Arrest: एक करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-07-12 11:20 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले साइबर गिरोह के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल से बुजुर्ग महिला को बनाया था शिकार
पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला चौक स्थित शांतिनगर निवासी 82 वर्षीय महिला को साइबर ठगों ने व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर महिला को डराया। उन्होंने महिला से कहा कि उसका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और वह कथित रूप से उस संगठन तक धन पहुंचाने में मदद कर रही है। ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर महिला को मानसिक रूप से परेशान किया और लगातार दबाव बनाए रखा।

दो घंटे से ज्यादा समय तक रखा डिजिटल अरेस्ट में
साइबर ठगों ने महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा। इस दौरान उसे किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और डर का माहौल बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस के मुताबिक, महिला से किस्तों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर कराई गई।

बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों से हुआ खुलासा
मामले की शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक खातों की लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी यानी वित्तीय ट्रेल की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच में मिले नए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में दबिश देकर दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

नागपुर से गिरफ्तार हुए दो आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
राहुल प्रकाश कामडी (38 वर्ष)
निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर।
गौरव रमाकांत मिश्रा (27 वर्ष)
निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर।
दोनों आरोपियों से साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से सावधान रहें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी, न्यायालय या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद या किसी अन्य अपराध का डर दिखाता है और पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाता है, तो यह साइबर ठगी का तरीका हो सकता है।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित व्यक्ति को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा नागरिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं या नजदीकी पुलिस थाना और साइबर थाना से तत्काल संपर्क कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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