Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर के पास हुई रेल दुर्घटना को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही दुर्घटना की सूचना मिली, शासन-प्रशासन और रेल्वे की पूरी टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अरुण साव ने कहा कि कोरबा पैसेंजर ट्रेन और एक मालगाड़ी के बीच हुई इस भीषण टक्कर में कुछ यात्रियों के हताहत होने की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनके उपचार की पूरी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, “मैं लगातार बचाव दल और वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हूं। प्रशासन और रेलवे की टीमें मौके पर पूरी तत्परता से काम कर रही हैं। प्राथमिकता है कि सभी घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिले और राहत कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो।” उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ईश्वर से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं और जो यात्री घायल हुए हैं, उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, रेलवे अधिकारी और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबा हटाने के साथ-साथ सभी को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है। अरुण साव ने यह भी बताया कि उन्होंने फोन पर वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस हादसे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में सरकार यात्रियों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है। सभी आवश्यक संसाधन राहत कार्य के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मैं स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और बचाव कार्य में लगे अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं।” बिलासपुर रेल हादसे के बाद रेलवे और जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि यात्री एवं उनके परिजन त्वरित जानकारी प्राप्त कर सकें। फिलहाल दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य तेजी से जारी है और घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) के माध्यम से कराई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।