DCP मयंक गुर्जर ने वाहन मालिकों की शिकायतों का किया त्वरित निवारण

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Update: 2026-03-25 18:33 GMT
Raipur. रायपुर। कमिश्नरेट पुलिस के नॉर्थ जोन में हाल ही में वाहन मालिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का त्वरित निवारण करते हुए पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर ने 10 वाहन मालिकों को उनके स्वामित्व की वाहनों को सुपुर्द किया। यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की गई, जिनमें वाहन मालिकों ने बताया था कि उन्होंने अपने वाहन किराये पर दिए थे, लेकिन न तो किराया मिला और न ही वाहन वापस लौटाए गए। जानकारी के अनुसार, वाहन मालिकों ने अपने-अपने वाहनों को स्वेच्छा से प्रेमराज साहू निवासी आमासिवनी रायपुर के माध्यम से किराये पर चलाने के लिए दिया था। इसके लिए वाहन किरायानामा शशीकांत यादव एवं रोहित के साथ किया गया था। इसके बावजूद वाहन मालिकों को किराया नहीं मिला और कुछ वाहन लंबी अवधि तक किरायेदारों के पास रहे, जिससे आर्थिक एवं व्यक्तिगत नुकसान हुआ। वाहन मालिकों ने मामले की शिकायत पुलिस के समक्ष की।
पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर ने सभी शिकायत आवेदनों का अवलोकन किया और वाहन मालिकों से वस्तुस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने दस्तावेजों, किरायानामों और संबंधित तथ्यों की विस्तृत जांच के बाद मामले का निष्पक्ष निवारण सुनिश्चित किया। इस कार्रवाई के तहत 25 मार्च 2026 को 10 वाहन मालिकों को उनके स्वामित्व की वाहन सुपुर्द कर दी गई।
सुपुर्द किए गए वाहनों में विभिन्न प्रकार के वाहन शामिल थे। प्रेमराज साहू निवासी आमासिवनी रायपुर को उनके एर्टिगा (सीजी/04/पीडब्ल्यू/7395) और किया सोनेट (सीजी/04/क्यूएल/7499) वाहन लौटाए गए। चंद्रकांत साहू निवासी भिलाई जिला दुर्ग को हुंडई औरा (सीजी/04/क्यूपी/5816) वाहन प्राप्त हुआ। अक्षय वर्मा निवासी नरदहा रायपुर को मारुति बलेनो (सीजी/04/क्यू एच/6751), ठाकुर दास मानिकपुरी निवासी बीरगांव रायपुर को स्कॉर्पियो (सीजी/04/पीवाय/9212) तथा टिकेन्द्र कुमार देवांगन छावनी भिलाई दुर्ग को एर्टिगा (सीजी/07/सीजेड/7097) वाहन वापस किया गया।
मोह. नूर आलम निवासी दोंदे खुर्द को मारुति फ्रांक्स (सीजी/04/क्यूएम/8611), डिगेश्वर यदु ग्राम टेकारी थाना विधानसभा रायपुर को एर्टिगा (सीजी/07/क्यूसी/1457), चेतनदास गोस्वामी निवासी बेमेतरा को मारुति ब्रेजा (सीजी/04/एनजेड/4462) और मोहित चंद्राकर निवासी विधानसभा रायपुर को हुंडई वेन्यू (सीजी/07/सीएस/1933) वाहन सुपुर्द किए गए। पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर ने बताया कि वाहन मालिकों की शिकायतों का त्वरित निवारण उनकी प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में पुलिस का हस्तक्षेप सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने वाहन मालिकों को सलाह दी कि वे भविष्य में किसी भी किराए पर दिए गए वाहन के लिए लिखित करार (कॉन्ट्रैक्ट) बनाएं और कानूनी रूप से सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
इस कार्रवाई के बाद वाहन मालिकों में संतोष व्यक्त किया गया और उन्होंने पुलिस उपायुक्त की निष्पक्षता एवं तत्परता की सराहना की। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि कमिश्नरेट हमेशा नागरिकों के हित में त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की कार्रवाई से केवल वाहन मालिकों को राहत नहीं मिली, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी एक सशक्त संदेश गया कि यदि किसी के साथ कोई अनुचित व्यवहार होता है, तो पुलिस तत्परता से हस्तक्षेप करेगी।
इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस टीम ने वाहन की स्थिति, मालिकाना हक, किरायानामा और किराए की अदायगी के प्रमाणों की जांच की। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि कोई वाहन मालिक किसी तरह का आर्थिक या व्यक्तिगत नुकसान न उठाए। पुलिस उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल शिकायत का त्वरित समाधान करना था और भविष्य में इस तरह के मामलों के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि रायपुर कमिश्नरेट पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करने में भी तत्पर है। वाहन मालिकों को उनके वाहन सुपुर्द किए जाने से उनके बीच विश्वास बढ़ा और पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता और जवाबदेही प्रदर्शित हुई।
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