Durg. दुर्ग। थाना सुपेला क्षेत्र में मोबाइल बैंकिंग चालू कराने के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में प्रार्थी के बैंक खाते और सिम कार्ड का दुरुपयोग करके साइबर ठगी करने की योजना को रोका गया। जानकारी के अनुसार, प्रार्थी हैप्पी सिंह (34 वर्ष), निवासी सड़क 01, क्वार्टर 10/डी, जोन-03, खुर्शीपार, भिलाई, ने थाना सुपेला में लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि उसने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भिलाई-03 में मोबाइल बैंकिंग खाता खोला था। खाता चालू करने में तकनीकी समस्या आने पर उसने अपने परिचित आशीष कुमार, निवासी शिवाजी नगर, खुर्शीपार भिलाई से मदद मांगी।
दिनांक 20 जनवरी 2026 को प्रार्थी ने अपना सिम कार्ड और बैंक खाता संबंधित जानकारी आरोपी को आकाश गंगा, सुपेला में दी। इसके बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया और पता चला कि प्रार्थी का बैंक खाता और सिम कार्ड साइबर ठगी के लिए किसी अन्य व्यक्ति को बेचे गए थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 288/2026, धारा 318(4), 317(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान एक और आरोपी सुरजा कुमार सोनी (20 वर्ष), निवासी पावर हाउस कैंप-02, छावनी, दुर्ग, की संलिप्तता सामने आई। विशेष टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और बैंक खाता/सिम कार्ड संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने प्रार्थी के खाते और सिम का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी विजय कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक राजीव उर्वशा, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र चंद्राकर, आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह और थाना स्टाफ की सक्रिय भूमिका इस गिरफ्तारी में सराहनीय रही। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को बैंक खाता, ओटीपी, सिम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। मोबाइल बैंकिंग या साइबर संबंधी समस्याओं के लिए सीधे संबंधित बैंक या आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी के प्रयास की सूचना तत्काल पुलिस को दें। यह घटना यह स्पष्ट करती है कि सावधानी और समय पर पुलिस कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है। आरोपियों की गिरफ्तारी से न केवल प्रार्थी को होने वाले संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि साइबर धोखाधड़ी के अन्य प्रयासों को भी रोका गया। यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल है, जिससे लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी मिला।