साइबर जागृति अभियान, 1700 विद्यार्थियों ने लिया सुरक्षित डिजिटल भविष्य का संकल्प
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Raigarh. रायगढ़। साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस ने जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया सुरक्षा और डिजिटल सावधानियों की जानकारी दी गई। अभियान के दौरान करीब 1700 विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए।
प्रदेश में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18 अगस्त को जिले के कई स्कूल और कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप और उनसे बचने के तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को बताया गया कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है।
अभियान के तहत डीएसपी उन्नति ठाकुर और सुशांतो बनर्जी के साथ थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव ने ओपी जिंदल स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। वहीं थाना कोतवाली पुलिस टीम ने गर्ल्स कॉलेज, लॉ कॉलेज और शासकीय ग्रंथालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर ठगी के प्रति सतर्क किया। खरसिया पुलिस ने आत्मानंद स्कूल में बच्चों को साइबर अपराधों की जानकारी दी। थाना भूपदेवपुर पुलिस ने हायर सेकेंडरी स्कूल कोड़तराई और हायर सेकेंडरी स्कूल भूपदेवपुर में कार्यक्रम आयोजित किया।
इसके अलावा थाना साइबर और थाना चक्रधरनगर की संयुक्त टीम ने बोइरदादर स्थित सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल और सेंट जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के नियम समझाए। थाना घरघोड़ा पुलिस ने कन्या शाला घरघोड़ा और महिला थाना पुलिस ने स्थानीय बच्चों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अपना OTP, PIN, CVV और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल, संदिग्ध लिंक, QR Code और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी गई।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, निजी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। नौकरी, इनाम, निवेश, लोन या ऑनलाइन ऑफर के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। विद्यार्थियों को “डिजिटल गिरफ्तारी”, KYC अपडेट, बिजली कनेक्शन कटने, बैंक खाता बंद होने या पुलिस अधिकारी बनकर डराने जैसी साइबर ठगी की घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और प्राइवेसी सेटिंग्स के इस्तेमाल के फायदे बताए गए।
अभियान के दौरान QR Code के माध्यम से साइबर जागृति अभियान से जुड़ने की अपील भी की गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि वे खुद साइबर सुरक्षित बनने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। “एक जागरूक विद्यार्थी, एक जागरूक परिवार” की भावना के साथ साइबर अपराधों को रोकने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। रायगढ़ पुलिस ने संदेश दिया कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि OTP और PIN की गोपनीयता बनाए रखें, अनजान लिंक से दूरी रखें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता लें।