सरगुजा: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन अंबिकापुर के तत्कालीन चीफ इंजीनियर, अधीक्षक इंजीनियर समेत एक ठेका कंपनी के संचालक के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने 1.82 करोड़ के गबन के आरोप में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। यह एफआईआर न्यायालय के आदेश पर दर्ज की गई है।
आरोप है कि, ठेका कंपनी के संचालक ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर कर्मचारियों के ईपीएफ, ईएसआईसी की राशि का गबन किया गया। अधिकारियों ने ठेका कंपनी को फर्जी दस्तावेज पर अतिरिक्त भुगतान किया है।
जानकारी के मुताबिक, CSPDCL में ठेका कर्मचारियों के नियोजन के लिए मेसर्स आरके एसोसिएट्स, मैट्रिक सर्विस और गुरुकृपा ग्रुप को अधिकृत किया गया था। आरटीआई एक्टिविस्ट डीके सोनी ने CSPDCL के तत्कालीन सीई, एसई, ठेका कंपनी के संचालक के खिलाफ वेतन से ईपीएफ, बोनस और ईएसआईसी की राशि में फर्जी बिल लगाकर 1 करोड़ 82 लाख रुपए की गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
CSPDCL के अलग-अलग कार्यादेश पर ठेका कंपनी ने भृत्य और कंप्यूटर ऑपरेटर CSPDCL में साल 2020 से 2022 तक नियोजित किए थे। आरोप है कि चार कार्यादेश के तहत ठेका कर्मचारियों के नियोजन में अधिकारियों ने वास्तविक उपस्थिति पत्रक और ईपीएफ, ईएसआईसी के दस्तावेजों के बगैर सत्यापन के देयक का भुगतान किया। तत्कालीन चीफ इंजीनियर एवं सुप्रींटेंडेंट इंजीनियर ने ठेका फर्म को लगभग 1,82,86,907 रुपए का अधिक भुगतान किया है।
कार्यपालन निदेशक(अ.क्षे.) अंबिकापुर के जांच रिपोर्ट, दिनांक 24 फरवरी 2023 के साथ डीके सोनी ने मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद पेश किया था। मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने सीई, एसई एवं ठेका कंपनी के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया।
सरगुजा ASP अमोलक सिंह ने बताया कि, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अंबिकापुर के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने CSPDCL के तत्कालीन सीई डीएस भगत, एसई राजेश लकड़ा और ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के खिलाफ धारा 409, 419, 420, 468, 471 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया है।