Mahasamund. महासमुंद। दीपावली और आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर महासमुंद जिले में आम नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। त्योहारों के दौरान बाजारों में खपने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्रियों की शुद्धता व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ एवं महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के कड़े निर्देशों के बाद विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और जिले के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं।
सरायपाली के प्रसिद्ध होटलों और ढाबों में औचक दबिश
इसी कड़ी में 4 नवंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने सरायपाली क्षेत्र के कई प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक दबिश दी। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों और होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने एनएच-53 और शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित दुकानों, होटलों और ढाबों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की व्यवस्था, खाद्य सामग्रियों के रखरखाव के तरीके और निर्माण इकाई (किचन एरिया) का मुआयना किया गया।
पनीर और पेड़े के सैंपल जब्त, जांच के लिए भेजे गए लैब
त्योहारों में दूध से बने उत्पादों जैसे मावा, पनीर और मिठाइयों में मिलावट की आशंका सबसे अधिक होती है। इसे देखते हुए टीम ने उड़ियापारा सरायपाली स्थित 'मेसर्स शिवानी पूजा सामग्री' की दुकान पर कार्रवाई की। विभाग ने यहां बिक रहे गाय के मलाई पनीर और गाय के दूध से बने पेड़े का विधिक नमूना (लीगल सैंपल) संकलित किया। इन सभी सैंपलों को सील कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि इनमें किसी भी प्रकार की मिलावट या अमानक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता में बड़ी लापरवाही, तीन नामी प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस
निरीक्षण के दौरान विभाग ने सरायपाली के तीन बड़े और नामी प्रतिष्ठानों—मेसर्स अग्रवाल स्वीट्स (मेन रोड), मेसर्स अमृत होटल (पदमपुर रोड) और मेसर्स विकास फैमिली ढाबा एवं रेस्टोरेंट (एनएच-53) की भी सघन जांच की। जांच के दौरान इन तीनों ही जगहों पर भारी गंदगी और स्वच्छता मानकों में गंभीर कमियां पाई गईं। त्योहार के सीजन में इस तरह की लापरवाही आम जनता की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ सुधार सूचना (इंप्रूवमेंट नोटिस) जारी करने की अनुशंसा की है। संचालकों को कड़े लहजे में हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपने किचन और परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करें, अन्यथा उनकी दुकान को सील करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर की अपील: पैकेटबंद सामानों पर एक्सपायरी डेट जरूर देखें
खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा जिला प्रशासन महासमुंद ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने नागरिकों से कहा है कि दीपावली पर्व के दौरान मिठाइयां, तेल, घी और अन्य राशन सामग्री केवल विश्वसनीय और पंजीकृत प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। पैकेटबंद (पैक्ड) खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर लिखी मैन्युफैक्चरिंग डेट (निर्माण तिथि), एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) और एफएसएसएआई (FSSAI) का लाइसेंस नंबर जरूर चेक करें। यदि किसी भी नागरिक को बाजार में मिलावटी या अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित कर सजग नागरिक की भूमिका निभाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह विशेष जांच अभियान पूरे त्योहार के दौरान लगातार जारी रहेगा।